शास्त्रीय संगीत से जगाया देशभक्ति का जोश
मुजफ्फरनगर। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवानों की पावन स्मृति और भारतीय सेना की पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक पर बाल कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत और गीतों के माध्यम से देशभक्ति का जोश भरा। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि शहीद सैनिकों के त्याग और बलिदान से भारत की एकता, अखंडता और सभ्यता कायम है।
गांधी कालोनी स्थित संगीत सरिता म्यूजिक सेंटर पर पुलवामा के शहीद जवानों की स्मृति में आयोजित देशभक्ति गीतमाला कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती और मां शारदे की पूजा अर्चना से हुआ। मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि क्रांतिकारियों, देशभक्तों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमें आजादी मिली। आतंकवाद से देश की रक्षा को युवा आगे आए। देशभक्ति से बढ़कर कोई धार्मिक भावना नहीं है। चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाखां, लाला लाजपत राय जैसे वीरों की धरा को दुनिया की कोई शक्ति मिटा नहीं सकती। बाल कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत के द्वारा शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। देशभक्ति के गीतों से युवाओं को प्रेरित किया गया। अधिवक्ता एनके अरोरा, आर्य समाज गांधी कालोनी के मंत्री गजेंद्र राणा, राकेश राठी, मुकेश लाल ने विचार रखे। उत्कृष्ट कलाकारों को वैदिक साहित्य भेंट किया गया। संयोजक दिलीप मिश्रा ने अतिथियों का आभार जताया। सुदेश कौशिक, संदीप भारद्वाज, लोकेश शर्मा, अमित शर्मा, अनुज गौतम, आजाद सिंह, पलवेंदर, अनूप शर्मा आदि मौजूद रहे।