मुुजफ्फरनगर। संक्रामक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण स्तर पर कार्यरत आशाओं को मजबूत करने पर जुटा है। उन्हें प्रशिक्षण देकर रोग नियंत्रण के तरीके बताए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक में 40-40 आशाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है।
ग्रामीण स्तर पर आशाएं स्वास्थ्य विभाग की पहली कड़ी हैं। योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर इन्हीं के माध्यम से होता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग उन्हें और अधिक अपडेट करने में जुटा है। जनपद में 1960 आशाएं कार्यरत हैं। इनमें से प्रत्येक ब्लाक की 40-40 आशाओं को प्रशिक्षण दिया जाना है। सात से 15 जनवरी तक प्रशिक्षण सत्र होंगे। शुरुआत शाहपुर और बुढ़ाना ब्लाक से होगा। जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि संक्रामक रोगों की रोकथाम के संबंध में आशाओं को प्रशिक्षित किया जाना है। यदि गांव में बुखार या अन्य किसी संक्रामक बीमारी के रोगी हैं तो आशाएं तुरंत उनकी सूचना विभाग को देंगी। मलेरिया जांच के लिए रक्त पट्टिकाएं बनाने में सहयोग करेंगी।
चरथावल और सिसौली में पहुंचेगी सर्वेक्षण टीम
मुजफ्फरनगर। नगर निकायों में चल रहे स्वच्छ सर्वेक्षण में शनिवार यानि आज सर्वे टीम चरथावल और सिसौली नगर पंचायत में पहुंचेगी। स्वच्छ भारत मिशन के समन्वयक सरदार बलजीत सिंह ने बताया कि टीम नगर पंचायतों में स्वच्छता का सर्वे करेगी। नागरिकों से प्रतिकिया ली जाएगी तथा सफाई की स्थिति भी देखी जाएगी।