राधा-कृष्ण लीला का मंचन
मुजफ्फरनगर। श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन राधा-कृष्ण के नृत्य की लीला का मंचन हुआ। कथा व्यास सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि सच्चे हृदय से की गई भक्ति ही सफल होती है। अंतिम दिन भंडारे का आयोजन हुआ।
मां शाकंभरी देवी सेवा समिति, बालाजी संकीर्तन सेवा मंडल एवं अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के बैनरतले आर्य कन्या पाठशाला इंटर कालेज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा महापुराण एवं कथा ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन कथाव्यास पंडित सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि भक्ति सच्चे मन से होनी चाहिए। निष्कपट भाव से प्रभु का स्मरण करने से मानव सुखी रहता है। अंतिम दिन विशेष झांकी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलाकारों ने कथा स्थल पर सुंदर झांकियों को प्रस्तुत किया, जहां राधा रानी का नृत्य, राधा कृष्ण का नृत्य, शंकर तांडव की प्रस्तुति दी गई। आयोजन में दीपक गर्ग, पूर्व सभासद अशोक गर्ग, पंकज गोयल ने सभी का आभार जताया। राधा-कृष्ण को भोग लगाकर भव्य रूप से भंडारे का आयोजन किया गया। कथा के अंत में श्रद्धाभाव के साथ प्रसाद वितरित किया गया। कथा में मुख्य रूप से बोबी शर्मा, पंकज गोयल, विकास राजवंशी, विशाल राजवंशी, राघव गर्ग, तपन गर्ग, मयंक गर्ग, शेाभित मित्तल, प्रतीक, अंकुर सिंघल, संजय शर्मा, लक्की, राजन, अनुराग शर्मा, प्रियांशु गर्ग, प्रिसं गर्ग, दीपक गोयल, राघव गोयल, संदीप सिंघल, आशीष वर्मा, आकाश वर्मा, मोहित गोयल, मोनू, संजय सिंघल, विजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।