फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संवेदनाएं नहीं तो तकनीक त्याज्य

विज्ञापन
विज्ञापन
हमारी तकनीक और साहित्य समृद्ध
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। एसडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालाजी में स्मार्ट भारत के लिए तकनीक एवं पर्यावरण विषय पर दूसरे दिन भी गोष्ठी का आयोजन हुआ। कॉलेज के निदेशक डॉ एसएन चौहान की पुस्तक सरोकार का लोकार्पण अतिथियों ने किया।
विज्ञापन

आर्गेनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ एसएन चौहान ने कहा कि हमें मंथन करना होगा की 70 साल में हम किस दिशा में चले। दुनिया के भौतिकवादी देश भारत में शांति की तलाश कर रहे हैं। हमारी तकनीक और विकास हमारे मानसिक सुख से भी जुड़ा होना चाहिए। इग्नू से आए प्रोफेसर जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि तकनीकी के युग में संवेदनाओं और विडंबनाओं को भी समझना होगा। मुख्य अतिथि डॉ विरेंद्र आजम ने कहा कि हम हजारों साल से विकसित राष्ट्र रहे हैं। हमारी तकनीक और साहित्य समृद्ध है। वेद पुराण देश को संचालित करने वाले ग्रंथ रहे हैं। आजादी के बाद औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिला और आज हम दूसरे देशों को हथियार निर्यात करने की स्थिति में है। साहित्य का महत्व राष्ट्रोत्थान के लिए मानव का नैतिक उत्थान करने से है। आईटी दिल्ली से आए डॉ अनिल मिश्र ने कहा कि यदि तकनीक मानव संवेदनाओं का सम्मान नहीं कर सकती तो उसका त्याज्य ही ठीक है। आरईसी कन्नौज से आये डॉ रवीश राजपूत, आरईसी बैंगलोर के जी सदाशिवप्पा, आईआईटी लखनऊ के संजय सिंह, लेखक प्रांजल धर, समीक्षक रोहित कौशिक, डॉ ए कीतिवर्धन, डॉ एके गौतम ने विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें