नगरपालिका परिषद का बजट पारित कराने के लिए पालिका प्रशासन ने बोर्ड मीटिंग की सूचना एक बार फिर जारी कर दी है। अब 12 अप्रैल को बोर्ड मीटिंग होगी, जिसमें वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 111 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगवाने की तैयारी है। बोर्ड बैठक कराने को लेकर इस बार चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल की परीक्षा होगी। इससे पहली बैठक 44 सभासदों के विरोध के चलते स्थगित हो गई थी।
वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए नगरपालिका परिषद का बजट पारित कराए जाने के लिए चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने पूरी ताकत झोंक दी है। 27 मार्च को सभासदों के विरोध के चलते बैठक को स्थगित करना पड़ा था। बजट पास नहीं होने से पालिका के समस्त कार्य रुके हुए है। पालिका किसी का कोई भुगतान भी नहीं कर सकती है। इसी कारण पालिका अध्यक्ष का पूरा जोर बजट की बैठक को संपन्न कराना है। अब 12 अप्रैल को पालिका प्रशासन ने बजट पारित कराने के लिए बोर्ड मीटिंग बुलाई है। इसके लिए पांच अप्रैल को ईओ विकास सैन ने सूचना जारी कर दी है। एजेंडा जस का तस रखा गया है। इस एजेंडे में पालिका प्रशासन ने वित्तीय वर्ष लिए 24.79 करोड़ रुपये के लाभ का बजट प्रस्ताव लाया गया है।
चेयरमैन ने सभासदों की मीटिंग बुलाकर मांगा सहयोग
मुजफ्फरनगर। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने पालिका का बजट पारित कराने के लिए असंतुष्ट सभासदों की बृहस्पतिवार को तीन बजे अपने आवास पर मीटिंग बुलाई थी। उन्होंने जनहित में सभासदों से 12 अप्रैल की मीटिंग में सहयोग कर बजट पारित कराने का आग्रह किया। इस पर सभासद राजीव शर्मा, अरविंद धनगर आदि ने स्वकर निर्धारण को लेकर अपनी मांग रखते हुए आम जनता को छूट का समय बढ़ाने पर जोर दिया। राजीव शर्मा ने बताया कि यदि 11 अप्रैल तक पालिका प्रशासन स्वकर निर्धारण में समय नहीं बढ़ाता है तो बोर्ड बैठक का बहिष्कार जारी रहेगा। सभासदों का कहना है कि ईओ विकास सैन ने जनहितों से आंखें मूंद रखी हैं। चेयरमैन ने सभासदों को संतुष्ट करने का प्रयास किया।