मुजफ्फरनगर। देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फूले को उनके जन्मदिन पर याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश में महिलाओं में शिक्षा की शुरुआत फूले ने ही की।
सदर बाजार में हुई बैठक में ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के जिलाध्यक्ष नाहर सिंह सैनी ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा अधिकार सबसे पहले सावित्री बाई फूले ने ही दिया। अपने पति महात्मा ज्योतिबा फूले के सहयोग से वह पहले खुद पढ़ीं और फिर महिलाओं के लिए पाठशाला खोली। जिला महामंत्री अजय सैनी ने कहा कि सावित्री बाई फूले के जन्मदिन तीन जनवरी को महिला शिक्षक दिवस के रूप में घोषित किया जाना चाहिए। जिला उपाध्यक्ष जगदीश सैनी, राधेलाल चौहान, धर्मेंद्र सैनी, संदीप सैनी आदि मौजूद रहे। उधर, महात्मा ज्योतिबा राव फूले विचार मंच की बैठक सुखपाल सैनी के आवास पर हुई। सावित्री बाई फूले के 187वें जन्म दिवस पर देश की प्रथम महिला शिक्षिका को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने स्वयं 18 महिला विद्यालयों की स्थापना की। सती प्रथा, छुआछूत, बाल विवाह का विरोध किया। 2014 में पुणे विश्वविद्यालय को सावित्री बाई फूले का नाम दिया गया। इस दौरान रकम पाल सैनी, चांद सिंह कश्यप, नवीन कुमार आदि मौजूद रहे।