भाजपा के 20 बागी नेता पार्टी से निष्कासित
मुजफ्फरनगर। भाजपा ने जिला पंचायत चुनाव में ताल ठोकने वाले जिले के 20 बागी नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इनमें तीन निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य भी शामिल हैं। पुत्रवधु को चुनाव लड़ाने पर पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र देव शर्मा भी पार्टी से बाहर कर दिए गए हैं।
भाजपा के मीडिया प्रभारी अचिंत मित्तल ने बताया कि जिला प्रभारी चंद्रमोहन सिंह और जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला की संस्तुति पर पार्टी हाईकमान ने जिले के 20 भाजपा नेताओं को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इनमें जिला पंचायत में अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ लड़ने वाले और अन्य प्रत्याशियों को लड़ाने वाले भाजपा नेता शामिल हैं। वार्ड सात से चुनाव लड़ रहे उमेश धीमान, वार्ड नौ से निर्दलीय लडऩे वाले डॉ. महावीर सिंह, वार्ड दस से हरेंद्र शर्मा, अंजू शर्मा, हरेंद्र पाल, वार्ड 11 से लड़ रहे मोहनलाल कोरी, वार्ड 12 से लड़ने वाले यशपाल आर्य, वार्ड 13 से लड़ने वाले वीर सिंह प्रधान, वार्ड 16 में लड़ रहे सागर कश्यप, नरेंद्र सिंह, अनस को पार्टी से निष्कासित किया गया। इसी तरह वार्ड 19 में ताल ठोक रहे रामपाल कश्यप, वार्ड 19 में चौधरी इंद्रपाल, वार्ड 24 में सुरेंद्रदेव शर्मा, वार्ड 26 में शोभाराम कश्यप, वार्ड 35 में योगेंद्र चौधरी, वार्ड 36 में नजर सिंह गुर्जर, वार्ड 39 के दिनेश धीमान, वार्ड 42 के हरीश राठी उर्फ बब्बू राठी, सिद्धार्थ राठी शामिल हैं।
जिन्होंने पार्टी को सींचा वही हुए निष्कासित
मुजफ्फरनगर। भाजपा ने जिन बागी पार्टी नेताओं को निष्कासित किया है उनमें जिले में पार्टी को अपने खून पसीने से सींचने वाले बुढ़ाना के सुरेंद्रदेव शर्मा भी शामिल हैं। सुरेंद्र शर्मा की पुत्र वधू जिला पंचायत के वार्ड 24 से चुनाव लड़ रही हैं। इसी कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया है। सुरेंद्र शर्मा 40 वर्षों से आरएसएस और भाजपा में सक्रिय रहे हैं। वह 1983 में बुढ़ाना तहसील के कार्यवाह रहे हैं। इसके बाद वह भाजपा में जिलाध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर रहे हैं। मोहनलाल कोरी भी ऐसे नेता है जो दशक से अधिक से पार्टी में सक्रिय थे। नजर सिंह गुर्जर जिले के महामंत्री रहे हैं और पार्टी में हमेशा सक्रिय रहे हैं।