मुजफ्फरनगर। नालों की सफाई नहीं होने का खामियाजा शहर के लोगों को जलभराव के रूप में भुगतना पड़ रहा है। शुक्रवार दोपहर महज 20 मिनट की बारिश में नाले लबालब हो गए। कई मोहल्ले टापू बन गए।
जिस बात का डर था, वहीं हो गई। इस बार जलभराव नहीं होने के नगर पालिका द्वारा लंबे-चौड़े दावे किए जा रहे थे, लेकिन कुछ देर की बारिश ने सारे दावों पर पानी फेर दिया।
नालों की सफाई नहीं होने से जलभराव की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। अधिकारियों ने भी बरसात से पहले सफाई का निरीक्षण नहीं किया, ठेकेदारों ने औपचारिकता पूरी कर दी। शुक्रवार सुबह लगभग 11.30 बजे वर्षा शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज थी कि आधा घंटे के बाद पूरे शहर में नालों के साथ सड़कों पर भी पानी भरकर चला। शिवचौक पर तो आधा घंटे तक आवागमन अवरुद्ध रहा।
बारिश का पानी भरा तो शहर के नई मंडी, खालापार, रामपुरी, जनकपुरी, आर्यपुरी आदि मोहल्लों में रास्ते बंद हो गए। शहर के निचले इलाकों में पानी निकासी के लिए लोगों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। पानी भरने से आवागमन भी प्रभावित रहा। बारिश से जहां लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
वहीं गर्मी से लोगों को राहत भी मिली। दोपहर में हुई बारिश के बाद कई बार काली घटा छाई, लेकिन बारिश नहीं हुई। शाम तक बादल छाए रहने से लोग गर्मी से राहत महसूस करते दिखाई दिए। नगर में पानी की निकासी पर ईओ अजीत सिंह का कहना है कि इस बार सभी नालों की सफाई अच्छी प्रकार से कराई है। पानी को शहर से बाहर निकलने में थोड़ा वक्त लगता है।