मथुरा से दर्शन कर लौट रहे ग्रामीणों की बोलेरो कार मेरठ-करनाल हाईवे पर बायवाला पुलिस चौकी के पास सड़क किनारे खडे़ ट्रक से टकरा गई। हादसे में कार चालक सहित नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। एक घायल ने जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सभी घायलों को मुजफ्फरनगर और मेरठ के चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया है।
शामली के गांव मतनावली निवासी सागर और गांव मीमला निवासी ओमप्रकाश उर्फ बिल्लू ने मथुरा, वृंदावन घूमने के लिए गांव हुरमजपुर निवासी विकास की बोलेरो कार बुक की थी। तीन दिन पहले ओमप्रकाश और सागर अपने रिश्तेदार सज्जन आदि के साथ मथुरा गए थे। बृहस्पतिवार सुबह सभी लोग वहां से लौट रहे थे।
कार में मतनावली निवासी सागर (26), मीमला निवासी ओमप्रकाश उर्फ बिल्लू (28), गांव कुड़ाना निवासी सज्जन (62), उसकी पत्नी कुंवर कौर (60), परिवार की काजल, शिखा, स्वाति, कविता और गौरव बैठे थे। कार में सवार थे। सुबह करीब 3:30 बजे कार मेरठ-करनाल हाईवे पर बायवाला पुलिस चौकी के पास सड़क किनारे खडे़ एक ट्रक में पीछे से टकरा गई।
चीखपुकार सुनकर बायवाला पुलिस चौकी के सिपाही घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कार में सवार चालक सहित सभी घायलों को बाहर निकाला गया और सीएचसी पर पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल सागर पुत्र कर्ण सिंह निवासी मतनावली को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया और बाकी घायलों को जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया।
जहां उपचार के दौरान सज्जन ने दम तोड़ दिया। घायल बोलेरो चालक विकास को मेरठ रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही घायलों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। हादसे के बाद से परिवारों में कोहराम मचा है। मतनावली निवासी मृतक सागर के परिवार के राजवीर मलिक ने बुढ़ाना कोतवाली में ट्रक चालक के खिलाफ तहरीर दी है।
नींद की झपकी ने कराया हादसा
हादसे का कारण पुलिस बोलेरो कार के चालक विकास को नींद की झपकी आना मान रही है। पुलिस का मानना है कि मथुरा से पूरी रात चलकर आ रहे कार के चालक विकास को नींद की झपकी आई होगी, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
लंबे सफर में पूरी रात कार की ड्राइविंग करना चालक व यात्रियों के लिए पुलिस सुरक्षित नहीं मान रही है। यदि कार के चालक किसी सुरक्षित स्थान पर रास्ते में कार को रोककर आराम कर लेता तो शायद यह हादसा टल सकता था। हाईवे पर आधी रात के बाद होने वाले सड़क हादसे अक्सर चालक को नींद की झपकी आने के कारण ही होते हैं।