मुजफ्फरनगर। शाहपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत कसेरवा में हुए विकास कार्यों में दो लाख 80 हजार रुपये की धनराशि का दुरुपयोग पाया गया है। डीएम की ओर से ग्राम प्रधान नफीसा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर गांव में तीन सदस्यीय समिति गठित करने की बात कही गई है।
गांव कसेरवा निवासी जावेद ने बीती 28 मई को गांव में हुए विकास कार्यों में अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए शपथ पत्रों के साथ शिकायत की थी। सहायक श्रमायुक्त तथा जेई आरईएस बुढ़ाना को संयुक्त रूप से जांच सौंपी गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार गांव में शराफत के मकान से खुर्शीद के मकान तक इंटरलॉकिंग कार्य 162104 की धनराशि से होना दर्शाया गया है, जबकि मौके पर 141200 रुपये का काम होना पाया गया। इस सड़क के निर्माण में 20904 रुपये का दुरुपयोग होना पाया गया। इसी तरह इलियास के मकान से इस्लामिया मदरसे तक इंटरलॉकिंग निर्माण में 26562, मुंशाद के मकान से मेरठ रोड तक 42930, कासिम के मकान से मुसर्रफ के मकान तक 82068, हाकिम अली के मकान तक 19180, अख्तर डीलर के मकान से मुस्तफा के मकान तक 48111 तथा नवाब के मकान से सूबेदीन के मकान तक इंटरलॉकिंग कार्य में 41238 रुपये का दुरुपयोग होना पाया गया है। इस तरह कुल सात कार्यों में दो लाख 80 हजार 994 रुपये का दुरुपयोग पाया गया। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने ग्राम प्रधान नफीसा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर गांव में तीन सदस्यीय समिति गठित करने की बात कही है। उधर, प्रधान नफीसा के पति अखलाक अहमद का कहना है कि उन्हें जो नोटिस दिया गया उसमें कार्यों में क्या कमियां पाई गईं, इसका जिक्र नहीं किया गया है। उन्होंने तकनीकी जांच की रिपोर्ट विभाग से ली है। अपना जवाब दाखिल कर दिया है। उन्होंने धन के दुरुपयोग की बात को गलत बताया है।