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गेहूं खरीद का लक्ष्य 31 हजार मीट्रिक टन

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जिले में विभिन्न एजेसियों के 48 क्रय केंद्र खुले
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मुजफ्फरनगर। इस बार शासन ने गेहूं खरीदने का लक्ष्य 31 हजार 900 मीट्रिक टन का दिया है। इसके लिए जिले में विभिन्न एजेंसियों की 48 गेहूं केंद्र खोले गए हैं। सभी का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है, मगर 15 दिनों बाद भी अभी तक किसी भी केंद्र पर गेहूं की आवक नहीं हुई है। सभी खरीद केंद्र अभी सूने पड़े है। कर्मचारियों को गेहूं आने का इंतजार है।
जिले में इस बार भी 48 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए है। इनमें खाद्य विभाग के 9, पीसीएफ के 24, पीएसीयू के 12, यूपी एग्रो के दो और भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र शामिल है। गत वर्ष 23 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 29 हजार 756.25 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस कारण इस बार जिले में 31 हजार 900 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इनमें खाद्य विभाग को आठ हजार, पीसीएफ को 11 हजार, पीसीयू को आठ हजार, यूपी एग्रो को डेढ़ हजार, भारतीय खाद्य निगम को तीन हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। जिले के सभी 48 क्रय केंद्र एक अप्रैल से खुल गए हैं, मगर अभी तक किसी भी केंद्र पर गेहूं की आवक नहीं हुई है। कूकड़ा स्थित नवीन मंडी में ही पांच केंद्र खुले हैं, जो भी सुनसान पड़े हैं। यहां भी किसान अभी तक गेहूं लेकर नहीं आया है। 15 जून तक गेहूं खरीद का समय निर्धारित किया गया है। एडीएम (एफ) आलोक कुमार ने बताया कि इस बार गेंहू की फसल की कटाई देरी से हुई है, इसलिए अभी तक गेंहू की आवक नहीं हुई है, जल्द आवक प्रारंभ होगी।
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किसानों के खाते में जाएगा भुगतान
मुजफ्फरनगर। गेहूं बेचने वाले किसान के बैंक खाते में गेहूं खरीदने के 72 घंटे के भीतर भुगतान होगा। इसके लिए किसानों को अपने बैंक एकाउंट और जोत बही केंद्र पर अंकित करानी होगी। गेहूं की खरीद ऑन लाइन होगी। इस बार सरकारी मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है।
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100 क्विंटल से अधिक का एसडीएम करेंगे सत्यापन
मुजफ्फरनगर। गेहूं की बिक्री ऑन लाइन होगी। इसमें 100 क्विंटल तक कोई भी किसान क्रय केंद्र पर गेहूं बेच सकता है, मगर जो किसान 100 क्विंटल से अधिक गेहूं की बिक्री करेगा, उसे पहले एसडीएम के यहां प्रार्थना पत्र देना होगा। एसडीएम जांच करा कर यह निर्धारित करेंगे कि इस किसान के पास 100 क्विंटल से अधिक गेंहू का रकबा था या नहीं। इसके बाद वे सत्यापन पत्र जारी करेंगे। इस सत्यापन पत्र के आधार पर भी किसान 100 क्विंटल से अधिक गेहूं की बिक्री कर सकता है।
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