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्रदेश के सबसे गंदे 10 शहरों में मुजफ्फरनगर

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प्रदेश के सबसे गंदे 10 शहरों में मुजफ्फरनगर शुमार
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मुजफ्फरनगर। स्वच्छ सर्वे 2019 में प्रदेश में मुजफ्फरनगर शहर सबसे गंदे दस शहरों में शामिल हो गया है। अपने स्तर की 64 नगर पालिकाओं की रैकिंग में 54वें स्थान पर रहा। राष्ट्रीय स्तर पर भी शहर की रैंकिंग पिछले साल से 41 पायदान नीचे गिर गई।
प्रदेश की सबसे बड़ी नगर पालिका मुजफ्फरनगर का सफाई के मामले में बुरा हाल है। बीते कई महीनों से शहर का कूड़ा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ाई हुई है। एटूजेड के काम बंद करने के बाद से कूड़े का निस्तारण नहीं हो रहा। नगर में जहां-तहां गंदगी के ढेर दिखाई देना आम हो गया है। जनवरी माह में केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण कराया था। बुधवार को इस सर्वेक्षण के परिणाम जारी कर दिए गए। राष्ट्रीय स्तर पर मुजफ्फरनगर को 425 में से 371वीं रैंक मिली है। शहर की सफाई व्यवस्था की रैंकिंग पिछले साल की 330 से 41 पायदान नीचे आ गई है। प्रदेश में मुजफ्फरनगर के स्तर की कुल 64 नगर पालिकाएं हैं। स्वच्छता के मामले में शहर इनमें आखिरी दस में शामिल हो गया है। पिछले वर्ष प्रदेश स्तर पर नगर को 34 रैंक मिली थी, लेकिन इस बार 20 अंक और गिरकर 54वें नंबर पर आ गया है।
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काम न आई नगर विकास मंत्री की अपील
मुजफ्फरनगर। 16 जनवरी को नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना शहर में आए थे। उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण में स्थान दिलाने के लिए बेहतर काम करने के निर्देश दिए थे। नगर पालिका के साथ ही भाजपा नेताओं को साथ जुटने को कहा था। इसके बाद पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल, सांसद डा. संजीव बालियान, विधायक कपिल देव अग्रवाल ने भी स्वच्छता अभियान चलाए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

बुढ़ाना और पुरकाजी में हुआ सुधार
मुजफ्फरनगर। स्वच्छता सर्वे 2019 में बुढ़ाना और पुरकाजी नगर पंचायतों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। बुढ़ाना प्रदेश में पिछले वर्ष 56वें नंबर था। इस बार 11वें पायदान पर आ गया है। पुरकाजी नगर पंचायत में 31 से सुधरकर 14वें नंबर पर आ गई है। खतौली नगर पालिका की स्थिति में भी 77 अंकों का सुधार हुआ है। इसके विपरीत मीरापुर नगर पंचायत में 51 अंकों की गिरावट आई है। चरथावल, शाहपुर, सिसौली, भोकरहेड़ी नगर पंचायतों की रैंकिंग भी पिछले साल के मुकाबले काफी गिरी है।

एटूजेड बंद होने से बिगड़े हालात
करीब चार लाख की आबादी वाली मुजफ्फरनगर नगर पालिका क्षेत्र से कूड़ा उठाने और उसका निस्तारण करने की जिम्मेदारी एटूजेड कंपनी की थी। भुगतान के विवाद को लेकर करीब छह महीने पहले कंपनी ने काम बंद कर दिया है। शहर से प्रतिदिन करीब 150 टन कचरा निकलता है। नगर पालिका ने डलावघरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था तो कर ली, लेकिन निस्तारण शुरू नहीं कर पाई। स्वच्छता सर्वे में कूड़ा निस्तारण के 1200 अंक मिलते हैं।
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प्रदेश के 590 शहरों में जिले की स्थिति
नगर निकाय रैंकिंग 2018 रैंकिंग 2019
बुढ़ाना 56 11
पुरकाजी 31 14
खतौली 198 121
मीरापुर 104 155
चरथावल 62 174
जानसठ 338 192
शाहपुर 110 281
सिसौली 307 489
भोकरहेड़ी 80 557

मुजफ्फरनगर नगर पालिका की स्थिति
प्रदेश के 64 शहरों में रैंकिंग
2018 2019
34 54
राष्ट्रीय स्तर पर 425 शहरों में रैंकिंग
2018 2019
330 371


स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 का परिणाम घोषित हो गया है। मुजफ्फरनगर में कूड़ा निस्तारण नहीं होने से रैंकिंग काफी नीचे गिर गई है - बलजीत सिंह, डीपीएम, स्वच्छ भारत मिशन।
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