देवबंद (सहारनपुर)। भाजपा की पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर ने कहा कि कर्जमाफी के नाम पर सरकार ने किसानों के साथ छलावा किया है। जिन किसानों का कर्जा माफ हुआ था अब उन किसानों को यह कहा जा रहा है कि वह कर्जमाफी की श्रेणी में नही आ रहे हैं। इसलिए उनके खाते से पैसे वापस लिए जा रहे हैं।
कर्जमाफी का ऐसा छलावा सामने आने पर किसान खून के आंसू रो रहा है। बुधवार को गंगदासपुर गुर्जर में किसानों के आह्वान पर पहुंचीं पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर को किसानों ने आपबीती सुनाई। किसानों ने बताया कि सरकार अब उनसे कर्जा वापस ले रही है। फिर कर्जमाफी किस बात थी। इसके बाद पुंडीर पीड़ित किसानों को साथ लेकर एसबीआई शाखा में पहुंचीं। जहां उन्होंने मैनेजर से इस संबंध में बातचीत की। शशिबाला ने मैनेजर से पूछा कि किसान के खाते से पैसे वापस क्यों निकाले जा रहे हैं। मैनेजर ने जवाब दिया कि वह इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। यह सरकार की पॉलिसी है। जिन किसानों ने पैसे निकाल लिए थे उनका नया खोता खोलकर ओवरड्राफ्ट लोन दिया जा रहा है। जिससे बैंक गन्ने के भुगतान से वसूली कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसान की मर्जी के किसानों के खातों पर होल्ड लगाया जा रहा है। कुछ किसान ऐसे भी थे जिनके घर में शादी थी और वह बैंक में पैसा लेने पहुंचे, लेकिन खाता होल्ड होने के कारण वह पैसा नहीं निकाल सके। शशिबाला ने कहा कि अकेले एक गांव से ही करीब 32 किसान ऐसे मिले हैं जिनके खातों से पैसा वापस जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्जमाफी के नाम पर किसान को गुमराह किया गया है। कर्जमाफी के चक्कर में किसान और कर्जबंद हो गया है। किसान आदेश चौधरी, जोध सिंह, वचन सिंह आदि ने बताया कि सरकार ने कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ धोखा किया है। जिसका जवाब किसान समय आने पर देगा। इस मौके पर उनके साथ अभिषेक पुंडीर, शिवेंद्र पुंडीर, जयप्रकाश पाल, सतपाल पाल, सुभाष गुर्जर, विपिन कुमार आदि रहे।
उधर, एसबीआई गंगदासपुर शाखा के प्रबंधक जे.एस. बावरा ने बताया कि 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच जिन किसानों ने पैसा जमा कर दिया उसे कर्जमाफी का लाभ नहीं मिला था। उन्होंने माना कि करीब 22 किसानों के खातों से पैसा वापस जा चुका है। यह अकेले उनकी शाखा का ही मामला नहीं है बल्कि पूरे रीजन का है। उन्होंने कहा कि ओवरड्राफ्ट लिमिट कर कर्जा देकर उसे वसूला जा रहा है।