चरथावल। जानलेवा बुखार की चपेट में आकर छात्र सहित दो की मौत हो गई। जिससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
दधेडू कलां गांव में तीन दिन पूर्व आशु उर्फ शाहनवाज (26) को बुखार हुआ था। परिजनों ने पहले गांव में उपचार कराया। बाद में उसे मुजफ्फरनगर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर शुक्रवार रात को मेरठ के लिए रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया। शनिवार तड़के शव को गांव लाकर अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, दो दिन पूर्व गांव में कक्षा आठ के छात्र मुदस्सिर (14) को बुखार के बाद पैरों में दर्द हुआ था। परिजनों ने उसे सरधना दिखाया। वहां से उपचार के बाद गांव लाए, तो अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और उसने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। उधर, प्रधान का पति शहजाद अलि, परवेज त्यागी, ताहिर, आलम, शाहिद गौड़ आदि ने बताया कि गांव में बुखार के कारण कई लोगों चपेट में हैं। गांव में बरसात के गंदे पानी की माकूल निकासी नहीं होने के कारण संक्रामक बीमारियां पनप रही है। जिससे गांव में वायरल और जानलेवा बुखार से ग्रामीण परेशान है। ग्रामीणों ने सीएमओ से कैंप करवाकर बुखार के प्रकोप से निजात दिलाने की मांग की है। उधर, सीएचसी के डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि बुखार से हुई दो मौत के मामले में अनभिज्ञता जताई। कहा कि टीम को गांव में भेजकर कैंप लगाकर ग्रामीणों की जांच कराई जाएगी।