मुजफ्फरनगर। टाउनहाल मैदान में चली ही भागवत कथा के सातवें दिन कथावाचक पंडित हिमेश शास्त्री ने कहा कि सुदामा का चरित्र वास्तव में प्रेरणादायक है। भागवान श्रीकृष्ण ने यह दर्शाया है कि दोस्ती में जाति पाति, ऊंच नीच, अमीरी गरीबी का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
पंडित हिमेश शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों का ध्यान रखते हैं। जब भक्तों पर कोई संकट आता है तो भगवान स्वयं रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि सुदामा को विपुल एश्वर्य देकर यह बताया कि मेरा भजन करने वाले को प्रारंभ में दुख सहना पड़ सकता है, लेकिन दुख की घड़ी में भी मै उसकी चारों ओर से रक्षा करता हूं। सुदामा के जीवन की विशेषता यह रही कि सोने की नगरी के स्वामी द्वारिकाधीश से उन्होंने कोई याचना नहीं की। परमात्मा पर भरोसा करके अपने धर्म का पालन करते हुए उन्हें भगवत कृपा से सबकुछ मिल गया। मुख्य यजमान अर्जुन अग्रवाल, अवनीश गर्ग, मुकेश बिंदल, अमित गर्ग, ब्रज कुंवर रहे। कथा में भीमसेन कंसल, सतीश गर्ग, सुशील शर्मा, आरडी तायल, संजय शर्मा, राजीव जैन, बाबूराम कौशल, विजय अरोरा, संजय तोमर, अमित गर्ग, अंजुल भूषण, लक्ष्मीनारायण शर्मा, सुशील गोयल आदि मौजूद रहे।