फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

57 करोड़ खर्च के बाद भी 21 गांव प्यासे

विज्ञापन
विज्ञापन
57 करोड़ खर्च के बाद भी 21 गांव प्यासे
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। जिले में 21 गांव ऐसे हैं, जिनमें पांच साल से पेयजल योजना पूरी नहीं हो पाई है। इन गांवों में सरकार 57 करोड़ खर्च कर चुकी है। 75 प्रतिशत से अधिक काम भी पूरे हो गए हैं, लेकिन लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। गांव का पानी प्रदूषित होने के कारण इन गांवों में योजना मंजूर हुई थी। शुद्ध पानी नहीं मिलने पर ग्रामीण विषैला पानी पीने को मजबूर है।
ग्रामीण जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रभावित गांवों में पानी की टंकी लगाकर घरों तक पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए पेयजल योजना चलाई है। प्रदूषित पानी से निजात दिलाने के लिए जिले के 21 ग्रामों में 2012-13 में पेयजल योजना प्रारंभ हुई। योजनाओं के लिए 71 करोड़ 47 लाख स्वीकृत हुआ। पांच साल बीतने को है। योजनाओं में 57 करोड़ से अधिक खर्च हो चुका है। 75 प्रतिशत से अधिक के काम भी हो चुके हैं। बावजूद इसके लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पाया है। विभाग के कुछ अधिकारियों ने लालचवश योजना का पैसा डायवर्ट कर दिया, जिससे योजनाएं बीच में लटक गई। इन गांवों में योजनाओं को पूरा करने के लिए 14 करोड़ 38 लाख की डिमांड की गई है। सरकार से पैसा आने के बाद ही ये योजनाएं पूरी हो पाएगी। योजनाओं के पूरा नहीं होने के कारण आम जनता को शुद्ध जल की जगह प्रदूषित पानी पीना पड़ रहा है।
विज्ञापन

इन गांवों में है योजना अधूरी
मुजफ्फरनगर। जिले के जिन 21 गांवों में पेयजल संकट अधूरी योजनाओं के कारण बना है, इनमें पुरबालियान, कैथोडा, तावली, कुटेसरा, रियावली नंगला, बागोवाली, ककरौली, पलडी, सीकरी, कसेरवा, दूधाहेडी, ककराला, फिरोजपुर बांगर, राजपुर-छाजपुर, परासौली, कुरालसी, कल्याणपुर, गोयला, पीनना, बसीकलां, मोरना शामिल हैं।
जल्द होगा काम पूरा
मुजफ्फरनगर। जल निगम के एक्सईएन वाईके शर्मा का कहना है कि शासन से पैसा मांग लिया गया है। शासन स्तर पर यह नीति बनी है कि जो काम 75 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं, पहले उन्हें पूरा किया जाए। उम्मीद है कि अप्रैल माह में पैसा मिल जायेगा। तीन योजनाओं कसेरवा, ककराला और फिरोजपुर बांगर का पैसा आ गया है, इन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

प्रभावित गांव होते हैं शामिल
मुजफ्फरनगर। पेयजल स्वच्छता मिशन के सचिव डीडीओ मोतीलाल व्यास का कहना है कि योजना में मुख्य रूप से उन्हीं गांवों को शामिल किया जाता है, जिनमें पानी प्रदूषित होने की शिकायतें सामने आती है। 21 योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए शासन को लिखा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें