टीबी ग्रस्त एक व्यक्ति अमूमन 10 लोगों को बीमार कर सकता है। ऐसे में टीबी के अधिक फैलने का खतरा है। देशभर में टीबी की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। चिंताजनक यह है कि यूपी के अधिकांश जिले इस खतरनाक वायरस की चपेट में हैं। इसकी खोजबीन और लोगों को जागरूक करने के लिए 26 फरवरी से अभियान चलेगा।
आमतौर पर लोगों में टीबी का वायरस पनपता है, इससे पीड़ित लोगों को महसूस नहीं होता है। इसकी चपेट में मासूम बच्चे भी घिर रहे हैं। बच्चों में मुख्य रूप से बीमारी परिजनों के संपर्क में आने से मिल रही है। टीबी ग्रस्त एक व्यक्ति दस लोगों को बीमार कर देता है। इससे बचाव को लेकर अब अभियान चलाया जा रहा है। 120 लोगों की टीम बनाकर फील्ड में सर्वे के लिए उतारा जा रहा है। पहले चरण में अभियान के लिए चार ब्लॉक चुने गए हैं। इनमें खतौली नगर, पुरकाजी, चरथावल और शहर ब्लॉक शामिल किया गया है। इनमें टीम घर-घर जाएगी। अभियान की खास बात यह कि घर के प्रत्येक सदस्य, इसमें चाहे एक वर्ष का बच्चा हो या 60 साल का बुजुर्ग। सबसे टीबी के छह लक्षणों की जांच की जाएगी। एक भी लक्षण मिलता है तो उसकी लैब में जांच होगी। उसके बाद ट्रीटमेंट शुुुरू होगा। टीबी की पुष्टि होते ही 48 घंटे में इलाज प्रारंभ किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश गुप्ता ने बताया कि अभियान 26 फरवरी से शुरू होगा। इसके लिए चिकित्सकों, लैब टेक्नीशियनों के साथ विभागीय कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।