फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर-घर वेद की ज्योति जगाने का संकल्प

विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज बहादरपुर में आयोजित तीन दिवसीय सामवेद परायण यज्ञ की पूर्णाहुति पर घर-घर वेद की ज्योति जगाने का संकल्प लिया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि पवित्र और मर्यादित आचरण ही धर्म है। आचरणहीन व्यक्ति धार्मिक नहीं हो सकता।
विज्ञापन

सदर ब्लाक के गांव बहादरपुर में सामवेद यज्ञ के समापन अवसर पर आचार्य गुरुदत्त आर्य ने ग्रामीणों को वैदिक संस्कृति अपनाने का आह्वान किया। आर्य ने कहा कि श्रेष्ठ आचरण से धर्म की रक्षा होती है। ईश्वर आराधना तब तक निरर्थक हैं, जब तक व्यक्ति का आचरण पवित्र और मर्यादित नहीं है। सत्य को ग्रहण करना और असत्य को छोड़ना ही धर्म है। माता -पिता की सेवा करें, परोपकार की भावना रखे, बेटियों की रक्षा करें, निर्धन-असहाय का उत्पीड़न नहीं करें। पक्षपातरहित न्याय करना भी धर्म है। स्वामी योगानंद ने कहा कि संस्कार ही जीवन को उज्ज्वल बनाते हैं। बुराइयों से बचे और अच्छाइयों को अपनाएं। स्वामी आत्मानंद ने कहा कि हमारे देश का प्राचीनतम नाम आर्यावृत हैं। वेदों की शिक्षा से ही जीवन सफल होगा। नरेंद्र आर्य ने कहा कि जातिवाद, भ्रष्टाचार जैसी बुराइयां समाज तथा राष्ट्र के लिए घातक है। भजनोपदेशक विनोद दधीचि ने महर्षि दयानंद की वैदिक चेतना को गांव-गांव पहुंचाने की अपील की। कंवरपाल आर्य, हर्षित आर्य, ब्रज कुमार, विजेंद्र, राजेंद्र, दिनेश कुमार आदि का सहयोग रहा। यज्ञ ब्रह्मा आचार्य सुरेंद्र आर्य रहे। संचालन राजकुमार आर्य ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें