मोरना चीनी मिल में दस प्रकार की 19 नियुक्तियों में गड़बड़ी सामने आई है। जीएम ने नियमों को किनारे रखकर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की। शिकायत के बाद डीएम ने जांच कराई। जांच में शिकायत सही आने के बाद नौकरियों का अनुमोदन नहीं किया गया। नौकरियों को निरस्त करते हुए जीएम सहित दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के शासन को लिखा गया है।
मोरना चीनी मिल में दस अलग-अलग प्रकार के 19 पदों के लिए 12 अगस्त 2016 को समाचार पत्रों में विज्ञापन निकाला गया था। आवेदन की प्रक्रिया के बाद 15 से 18 नवंबर 2016 को साक्षात्कार की प्रक्रिया हुई। शिकायतकर्ता देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि साक्षात्कार में न तो सभी पांच अधिकारी मौजूद रहे और न ही नियमों का ध्यान रखा गया।
मनमर्जी के आधार पर नियुक्तियां की गई। डीएम डीके सिंह ने शिकायत के बाद मामले की जांच कराई तो तथ्य सामने आए। डीएम ने जांच के बाद सभी नियुक्तियों के अनुमोदन पर रोक लगा दी। गलत तरीके से पदों पर नियुक्ति करने वाले मोरना चीनी मिल के जीएम भोलानाथ यादव पर शासन को कार्रवाई के लिए लिखा गया है। डीएम डीके सिंह ने बताया कि नियुक्तियों में पारदर्शिता का कोई ध्यान नहीं रखा गया। अनियमितताएं पकड़ में आई हैं।
इन पदों पर हुई थी नियुक्तियां
मुजफ्फरनगर। मोरना चीनी मिल में जिन पदों पर नियुक्ति हुई, उनमें मुख्य रूप से बायलिंग हाउस फीटर के दो, वायलर अटेंडेंट के दो, वेल्डर के तीन, पीएच रिकॉर्डर के तीन, वायरमैन के दो, पावर टरबाइन के एक, वर्कशॉप फोरमेन के एक, वर्कशॉप फीटर के एक, लैब केमिस्ट के चार पदों पर नियुक्तियां हुई थीं।