दोस्त की शादी में हुई मुलाकात एक साल में शादी के बंधन तक पहुंची
मुजफ्फरनगर। हर किसी को नहीं मिलता, यहां प्यार जिंदगी में। इस फिल्मी गाने के उलट जनपद के गांधी कॉलोनी में रहने वाला एक परिवार ऐसा भी है, जिसकी दो पीढ़ियों को न केवल भरपूर प्यार मिला, बल्कि जिससे उन्होंने प्यार किया, वहीं उनका हमसफर भी बना। खत्री परिवार के मुखिया ने जहां वर्ष 1984 में सजातीय प्रेमिका से लव-मैरिज की, वहीं उनके बेटे ने जिस विजातीय युवती को चाहा, उसे महज एक वर्ष के बाद ही 2018 में जीवन संगिनी के रूप में पा भी लिया। लव-मैरिज करने वाले परिवार की दोनों ही पीढ़ियां हंसी-खुशी जिंदगी के हर पल का आनंद ले रहे हैं और हर साल वेलेंटाइन-डे को बेहद गर्मजोशी से इंज्वॉय भी करते हैं।
गांधी कॉलोनी में मां वैष्णो देवी मंदिर के पास रहने वाले खत्री परिवार के रजत अरोरा शहर की एसडी कॉलेज मार्केट में रेडीमेड गारमेंट का काम करते हैं। रजत की मुलाकात वर्ष 2017 में अपने एक दोस्त की दिल्ली में हुई शादी के दौरान नई दिल्ली निवासी बंगाली परिवार की वंदना डे से हुई। पहली ही मुलाकात में दोनों एक-दूसरे के प्रति आकर्षित हुए और मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान कर लिया। इसके बाद लगातार मोबाइल पर बात करते हुए रजत अरोरा ने एक दिन वंदना को प्रपोज किया, जिस पर वंदना ने कुछ समय मांगा। करीब चार माह बाद वंदना की ओर से हरी झंडी मिली तो रजत अरोरा ने अपने माता-पिता को उससे मिलाया और शादी करने की इच्छा व्यक्त की। रजत इस मामले में भाग्यशाली रहे कि वंदना के परिवार ने भी थोड़ी-बहुत ना-नुकुर के बाद इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और 19 अप्रैल 2018 को दोनों शादी के बंधन में बंध गए। तब से आज तक प्रेमी युगल हंसी-खुशी जीवन व्यतीत कर रहा है।
रोमांचक रहा दो संस्कृतियों का मिलन
मुजफ्फरनगर। खत्री परिवार के रजत अरोरा और बंगाली परिवार की वंदना डे का मिलन एक तरह से दो अलग-अलग संस्कृतियों के मिलन के रूप में रहा। रजत का परिवार जहां शाकाहारी था, वहीं वंदना डे का परिवार बंगाली पृष्ठभूमि से होने के चलते नॉनवेज पसंद करता था। वहीं, दोनों ही परिवारों के रस्मो-रिवाज भी पूरी तरह से अलग थे। इसके बावजूद शादी के बाद रजत-वंदना के बीच पूरी तरह से गर्मजोशी और प्यार भरपूर है, वहीं उन्होंने एक-दूसरे के हिसाब से खुद को एडजस्ट भी कर लिया है।
नई दिल्ली में मनाएंगे वेलेंटाइन-डे
मुजफ्फरनगर। रजत अरोरा और उनकी लव-लाइफ पार्टनर वंदना डे अरोरा का शादी के बाद यह पहला वेलेंटाइन-डे है। दोनों ने इसे खास और रूमानी बनाने के लिए अपने दोस्तों संग नई दिल्ली में घूमना-फिरना और पार्टी करना प्लान किया है, जिसके लिए यह खूबसूरत प्रेमी जोड़ा बृहस्पतिवार सुबह ही दिल्ली के लिए रवाना हो जाएगा।
माता-पिता ने भी की थी लव-मैरिज
मुजफ्फरनगर। गांधी कॉलोनी निवासी रजत अरोरा के पिता रामकुमार अरोरा पेशे से अधिवक्ता हैं, जो अपने बेटे की शॉप पर भी हाथ बंटाते हैं। रजत अरोरा ने बताया कि उनके पिता रामकुमार ने भी 13 दिसंबर 1984 को लव मैरिज की थी। उनके पिता की मुलाकात नई मंडी निवासी ज्योति खन्ना से वर्ष 1983 में नई मंडी क्षेत्र स्थित एक मंदिर में हुई थी, जहां दोनों लगभग रोजाना ही पूूजा-पाठ करने जाते थे। मंदिर में ही दोनों के बीच प्रेम संबंध हुए, जो धीरे-धीरे इतने प्रगाढ़ हुए कि उन्होंने एक हो जाने का निर्णय लिया। यह प्रेमी जोड़ा भी खुशनसीब निकला, क्योंकि उनके परिवार ने भी दोनों के शादी करने के निर्णय को सहर्ष स्वीकार किया, जिसके बाद वे विवाह बंधन में बंध गए। रामकुमार-ज्योति के परिवार में रजत अरोरा के साथ ही छोटा बेटा अर्पित अरोरा है। अर्पित सीएस है और फिलहाल गुरुग्राम में एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करता है।