मीरापुर। अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज विकास परिषद द्वारा आयोजित एक दिवसीय वाल्मीकि सम्मेलन में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि ने समाज से अपने अधिकारों के लिये संगठित होने और बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान किया। कस्बे के आर्यसमाज मंदिर में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोगों ने भाग लिया।
कस्बे के आर्यसमाज मंदिर में रविवार को आयोजित वाल्मीकि सम्मेलन में सबसे पहले सर्वसम्मति से सात सूत्रीय प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा रालोद नेता अजित सिंह को प्रेषित किया गया। प्रस्ताव में लोकसभा चुनाव 2019 की आरक्षित सीटों मे से 50 प्रतिशत वाल्मीकि समाज के उम्मीदवारों को दिए जाने के साथ ही राज्यसभा व विधान परिषद में वाल्मीकि समाज के दस प्रतिनिधि मनोनीत किए जाने की मांग की गई। इसके अलावा, प्रदेश के समस्त स्थानीय निकायों में सफाई मजदूरों का एक प्रतिनिधि मनोनीत किए जाने, समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने और ठेकेदारी प्रथा समाप्त किए जाने की मांग की गई। प्रदेश में 2006 से रोकी गयी सफाई मजदूरों की भर्ती किए जाने की भी मांग की गई। अध्यक्षता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस केंडेरा और संचालन डॉक्टर मोहर सिंह वाल्मीकि ने किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रकाश चंद राजा ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। शिक्षक नेता नरेश पाल, भाजपा नेता मनुप्रिय मजदूर, महिला नेत्री गीता लोहट, अतुल प्रधान, जेपी चौधरी, विश्वप्रिय, मुकेश पारचा, रविंद्र सिंह, इंद्रपाल, संजीश शील, सुधीर कुमार, सुनील चंचल, नीरज, संजय सिंह, बलजोर सिंह, खेमचंद, सुधीर, कैलाश, अरविंद, कुलदीप व नंगला खेपड़ के मायाराम मौजूद रहे।