प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का बजट जीरो
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में वर्ष 2017-18 में जिले में कोई बजट नहीं आया। बजट शून्य होने के कारण योजना में इस वर्ष में किसी सड़क का निर्माण कार्य नहीं हुआ। आरईएस ने 65 किमी सड़क का प्रस्ताव सरकार को भेजा था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली।
पीएमजीएसवाई के तहत वर्ष 2017-18 में जिले में एक भी सड़क स्वीकृत नहीं हुई। यह बजट सत्र जिले के लिए शून्य ही रहा। योजना का काम देख रहे आरईएस के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष 65 किमी सड़क का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। सरकार से स्वीकृति नहीं मिल सकी। इस सत्र का बजट यहां शून्य ही रहा। आगामी बजट में जिले को कुछ सड़कें मिलने की उम्मीद है। इस वर्ष विभाग ने बीते वर्ष 2016-17 के 95 किमी सड़कों के काम ही पूरे कराए हैं। जिले में बीते वर्ष 95 किमी की 11 सड़कें स्वीकृत हुई थी, सभी बनाई जा चुकी है। इन सड़कों पर लगभग 43 करोड़ रुपया खर्च हुआ। इनमें परासौली से बिराल, बसीकलां से कुटबा, जसोई से थानाभवन, चरथावल से तितावी, बघरा से कुटबा, नावला से बड़सू, भैंसी से मकसूदाबाद, रामराज से कासमपुर भुम्मा, बाबरा से खुजेड़ा, तिसंग से जानसठ, तिसंग से सालारपुर की सड़क शामिल हैं। इन सड़कों की पांच साल तक देखरेख की जिम्मेदारी ठेकेदार की है।
बजट से है उम्मीद
मुजफ्फरनगर। आरईएस के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह का कहना है कि नए बजट से जिले को काफी उम्मीदें हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में ऐसी सड़कों का निर्माण कराया जाएगा, जिन गांवों की अभी तक कनेक्टिविटी नहीं हो पाई है।