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गठबंधन का गणित फेल, भगवा छात्रों में भी पास

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गठबंधन का गणित फेल, भगवा छात्रों में भी पास
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मुजफ्फरनगर। लोकतंत्र की नर्सरी कहे जाने वाले छात्रसंघ चुनाव में मजबूत विपक्ष की रणनीति धरी रह गई। जिले में गठबंधन का गणित बिगड़ गया। छात्रसंघ में भी युवाओं के सिर पर भगवा रंग का जादू छा गया। गठबंधन के प्रत्याशी 200 वोट का आंकड़ा भी नहीं छू सके हैं। कई ऐसे प्रत्याशी रहे कि जो 150 वोट तक भी कड़ी जद्दोजहद के बाद पहुंचे। मतगणना में एबीवीपी ने पहले राउंड से ही जीत की ओर कदम बढ़ा लिए थे, जो अंत में शिखर पर पहुंच गई। आंकड़ों को छूना विपक्ष के लिए टेढ़ी खीर साबित हुआ।
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चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के बाद कालेजों में चुनाव कराए गए। इस बार सपा छात्रसभा, युवा रालोद के साथ कांग्रेस की एनएसयूआई ने भी अलग-अलग मैदान में न उतरकर गठबंधन तैयार किया। लोकतंत्र की नर्सरी में कूदा गठबंधन फजीहत को नहीं रोक सका। मोदी-योगी का जादू युवाओं के सिर चढ़कर बोला। जिले में गठबंधन का पूरी तरह से गणित बिगड़ गया। दिलचस्प यह है कि गठबंधन के प्रत्याशी उतने भी वोट नहीं ले सके हैं, जितने से वह हारे हैं। डीएवी कॉलेज में उपाध्यक्ष पद पर गठबंधन के प्रत्याशी शाहरुख मलिक 284 और संयुक्त सचिव पद ऋषभ चौधरी 282 वोट ले पाए हैं। इसके अलावा एक भी गठबंधन का प्रत्याशी 200 तक भी नहीं पहुंच सका है। चुनाव के लिए रालोद, सपा और कांग्रेस नेताओं ने मजबूत रणनीति का दावा किया, लेकिन परिणाम के प्रत्याशी नहीं टिक सके हैं। सपा और कांग्रेस का गठबंधन विधानसभा के बाद छात्रसंघ चुनाव में भी विफल साबित हुआ है। यहां छात्रों ने गठबंधन के बजाए एबीवीपी पर भरोसा जताया है। विपक्ष की रणनीति लोकतंत्र की नर्सरी में चारों खाने चित्त हो गई। डीएवी कालेज में चार राउंड में गिनती कराई गई, जिसमें पहले राउंड से ही एबीवीपी के प्रत्याशियों को बढ़त मिली, जो कि अंत में एक बड़ी जीत के रूप में बदल गई। अध्यक्ष पद पर जहां दीपक को पहले राउंड में 12 मत मिले। वहीं गौरव कुमार को 103 वोट प्राप्त हुए। इसी तरह अन्य पदों पर भी भगवा विंग के प्रत्याशियों ने जीत के लिए विरोधियों पर बढ़त बनाई। एसडी कालेज में भी चार राउंड में मतगणना की गई। प्रथम चरण से ही एबीवीपी के प्रत्याशियों ने मजबूत बढ़त बनाई। विपक्ष पूरी तरह से चुनाव में खुद को एकजुट नहीं कर पाया, जिसका नतीजा हार के रूप में सामने आया है।
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