लैब टेक्नीशियन के सिग्नेचर का कोई वजूद नहीं
मुजफ्फरनगर। अब ब्लड, यूरिन टेस्ट हो या अन्य प्रकार की कोई जांच कराने के बाद रिपोर्ट ली हो, इस रिपोर्ट पर अपनी जांच आंकड़े देखने के साथ ही हस्ताक्षर भी नजर घूमा लें। रिपोर्ट पर अब लैब टेक्नीशियन के हस्ताक्षर मान्य नहीं है। यदि ऐसा है तो रिपोर्ट अनाधिकृत होगी। रिपोर्ट पर हरहाल में पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर मान्य होंगे। सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले से जिले में लैब संचालकों की धड़कनें बढ़ गई है।
गली-मोहल्लों में खुली पैथोलॉजी लैबों पर रोगियों से आंख मूंदकर पैसा वसूला जा रहा है, जबकि उनकी रिपोर्ट पर योग्य अधिकारी के हस्ताक्षर है भी या नहीं। इसकी जांच पड़ताल न तो मरीज कर पाता है और न ही चिकित्सक कर रहे हैं। जिले में सीजनल बुखार के दौरान लैबों का खेल पकड़ में आया था। स्वास्थ्य विभाग ने सीजनल बुखार के दौरान कई लैबों का कार्य ऐसा पाया था कि वह सामान्य बुखार से पीड़ित को डेंगू के लक्षण बता रहे हैं। एनएस-प्रथम की रिपोर्ट देकर डेंगू का भय फैलाया। हालांकि जांच की गई तो दर्जनों लैबों के पास टेक्नीशियन मिले थे, जबकि पैथोलॉजिस्ट थे। मामले में विभाग कार्रवाई पूर्ण नहीं कर सका था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के एक प्रकरण पर अपना अंतिम फैसला सुनाया है। आदेश साफ है कि पैथोलॉजी लैबों पर टेक्नीशियन जांच भले की करें, लेकिन रिपोर्ट पर क्रॉस चेक होने के बाद पैथालॉजिस्ट को ही हस्ताक्षर करने होंगे। उसी आधार पर रिपोर्ट को मान्य ठहराया जा सकता है। इतना ही सुप्रीम कोर्ट ने एमएससी या पीएचडी फालोअर के हस्ताक्षर भी मान्य नहीं है। पैथोलॉबी लैबों के विरुद्ध नए आदेश आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हैरान है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि लैब की तैयार रिपोर्ट पर पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर पर उसे सही माना जाता है। हालांकि लेब टेक्नीशियन (एलटी) भी साइन कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट के नए आदेशों को दिखवाकर उनका पालन कराया जाएगा।
पंजीकृत 15, चल रही 100 लैब
मुजफ्फरनगर। जनपद के छोटे से छोटे कस्बे में कतारबद्ध लैब है। विभाग में पंजीकृत 15 लैब है, जिन पर पैथोलॉजिस्ट के डॉक्युमेंट लगे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लैब संचालकों में हड़कंप मचा है। क्योंकि पंजीकृत लैबों पर भी मानकों अनुसार कार्य होगा, जबकि अन्य फर्जी लैबों की तालाबंदी करनी अनिवार्य होगी।
अभियान चलाकर होगी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि अवैध रुप से चल रही लैबों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। क्षेत्रवार इनकी सूची बनाई गई है। चिकित्सकों की टीम लेकर कार्रवाई होगी। अवैध रुप से चलने वाली लैबों को सील कर संचालकों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।