मुजफ्फरनगर। नगर निकाय चुनाव को जीआईसी के मैदान में मुख्यमंत्री की रैली होगी। सरकार के आने से जिले के उद्यमियों को भी बड़ी उम्मीदें है। यहां से उद्योगों के उजड़ने में मुख्य कारक विद्युत सप्लाई दरें हैं। पड़ोसी जिलों के मुकाबले यहां उद्यमियों को महंगी बिजली मिल रही है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र सिमट रहा है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार जिले में आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उद्यमियों को भी बड़ी आस है। प्रदेश सरकारों ने अभी तक भाषणबाजी कर उद्यमियों को लुभाया है। उनकी असल समस्या को निपटाने में पूर्ववत सरकारों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसके चलते जिले के उद्योग पलायन को मजबूर हो गए। जनपद में छोटे बड़े करीब 200 से अधिक उद्योग संचालित है। जिनमें 70 मुख्य बड़े रोलिंग, पेपर मिल्स के साथ इस्पात, स्टील उद्योग शामिल हैं। पिछले पांच साल में ही यहां कई बड़े उद्योग पलायन कर गए हैं। इससे औद्योगिक क्षेत्र सिमट रहा है।
चूंकि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में उद्यमियों को पांच रुपये प्रति यूनिट विद्युत सप्लाई की जाती है। इसी प्रकार हरियाणा में पांच से छह रुपये यूनिट है, जबकि यूपी में उद्यमियों को आठ रुपये प्रति यूनिट की दर से विद्युत सप्लाई मिल रही है। विद्युत की लचर व्यवस्था ने उद्योगों को हानि पहुंचाई है। शनिवार को नगर निकाय चुनाव की रैली में आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उद्यमियों को बड़ी उम्मीदें हैं, ताकि उन्हें भी रोजगार और उद्योग करने में राहत मिल सके।
यह चाहते हैं जिले के उद्यमी
मुजफ्फरनगर। जिले में उद्योगों की रीढ़ विद्युत व्यवस्था पर टिकी है। प्रदेश सरकार निजी कंपनियों से विद्युत खरीद कर पर्याप्त रूप से उद्यमियों को बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र बसाया जाए, ताकि यहां पर नए-नए उद्योग आ सके। पलायन करने वाले व्यापारियों को प्रदेश सरकार राहत दे और उनकी परेशानियों को दूर करे।
पश्चिमी उप्र विकास गठन की मांग
मुजफ्फरनगर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कुशपुरी कहते हैं कि रेलवे बोर्ड द्वारा जनपद में डेडीकेट फ्रंट कोरिडोर बनाया जा रहा है। इसका लाभ जिले के उद्यमियों को भी मिले और शुक्रताल में नया नगर बनाया जाए। पश्चिमी के उद्यमियों की समस्या और अन्य जरुरतों की पूर्ति के लिए पश्चिमी उप्र विकास गठन किए जाने की सरकार से मांग की है।