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अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर मेहरमान जिले की कमेटी

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मुजफ्फरनगर। भ्रूण लिंग परीक्षण पर कार्रवाई के लिए बनाई गई पीसीपीएनडीटी कमेटी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर मेहरबान है। हर बार बाहरी टीम ने जिले में आकर भ्रूण लिंग परीक्षण पर कार्रवाई है, जबकि स्थानीय टीम को इसकी भनक तक नहीं मिलती है। हालांकि विभाग के पास संसाधनों के साथ कार्रवाई करने की पूरी आजादी है। बावजूद इसके कार्रवाई करने में अफसरों ने आंखें मूंद रखी है।
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जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर नियमों की जांच, लिंग परीक्षण पर कार्रवाई के साथ इनकी रिपोर्ट लेने के लिए अक्तूबर माह में नई कमेटी का गठन किया गया है. जिसकी कमान महिला सीएमएस डॉ अमिता गर्ग को सौंपी गई है। अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट, डीजीसी क्राइम के साथ कई समाजसेवी महिला-पुरुष भी रखे गए हैं। हरिद्वार (उत्तराखंड) की डिक्वॉय टीम ने शहर में शामली रोड पर मकान में छापा मारकर कार्रवाई की है। साथ ही टीम फर्जी लैब के धंधे से भी पर्दा हटा गई है। 48 घंटे बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग और जिले की पीसीपीएनडीटी कमेटी हरकत में नहीं आ सकी है। इसको लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अल्ट्रासाउंड केंद्रों की गहनता से जांच करने में विभागीय अफसर बच रहे हैं। 48 घंटे बीतने के बाद भी विभाग कथित चिकित्सक रूपेश गौतम, उसकी सहयोगी शबाना और हिमालयन चैरिटेबिल अस्पताल के संचालक डॉ गौतम का सुराग नहीं लगा सकी है। पीसीपीएनडीटी के जिला नोडल प्रभारी डॉ एसके अग्रवाल ने बताया कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की तैयारियां की गई है। जल्द कई स्थानों पर कार्रवाई होगी। डिक्वॉय महिला को साथ लेकर छापा मारा जाएगा। विभाग ने शामली रोड पर मिले भ्रूण जांच प्रकरण में थाने पर एफआईआर दर्ज करा दी है, अब पुलिस आरोपियों को पकड़े। उनसे जो मद्द चाहिएगी वह करने के लिए तैयार हैं।
पुरकाजी में कूड़े पर मिले थे भ्रूण
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी क्षेत्र में कूड़े के ढेर पर कई भ्रूण मिले थे, जिन्हें गर्भपात के बाद डाला गया था। यहां पर विभाग ने कार्रवाई की तैयारियां तो की, लेकिन आज तक गर्भपात कराने वाली महिला और करने वाले चिकित्सक को नहीं पकड़ सकी है।
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जांच को नहीं मिला इंजीनियर
मुजफ्फरनगर। शामली रोड पर छापामारी के दौरान आरोपियों से बरामद टेैबलेट में मिले साफ्टवेयर की जांच में विभाग का दम निकल गया है। विभाग के पास प्रशिक्षित टेक्निकल इंजीनियर नहीं है। जिसके चलते साफ्टवेयर की जांच भी रुक गई है। विभाग को साफ्टवेयर की जांच के लिए इंजीनियर की तलाश है। इसके लिए दिल्ली, नोएड़ा क्षेत्रों में संपर्क साधा गया है।
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