मुजफ्फरनगर। आर्य समाज नई मंडी के 91 वें वार्षिकोत्सव में स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती ने कहा कि ऋषियों ने वैदिक ज्ञान से मानव जीवन को सरल और सद्मार्गी बनाया है। सत्य को ग्रहण करने से ही अंधविश्वास, पाखंड मुक्त समाज बनेगा।
तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का शुभारंभ वेद मंत्रों के साथ देव यज्ञ से हुआ। यज्ञ के ब्रह्मा राकेश आर्य रहे। खुशी आर्य ने ऋषि महिमा प्रस्तुत की। ध्वजारोहण के उपरांत प्रवचन हुए। जयपुर से आए स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जीवन में वेद पढ़ना यदि संभव नहीं हो तो वेदों की वाणी को अवश्य सुने। वेदों के अध्ययन या श्रवण से मनुष्य को जो फल प्राप्ति होती है, वैसा ही पुण्य का लाभ प्रत्येक व्यक्ति को मिल सकता है। वैदिक संस्कार चेतना अभियान के संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि पवित्र आचरण, सदाचार, चरित्र और देशभक्ति में भारत की संस्कृति निहित है। वेदानुकूल पथ पर चले, तभी जीवन का कल्याण संभव है। स्वामी सत्यवेश सरस्वती ने कहा कि सत्संग ही तीर्थ है। वैदिक ज्ञान से बढ़कर कोई तीर्थ नहीं है। मद्यपान, मांसाहार और तम्बाकू सेवन का त्याग करें। कन्या भ्रूण हत्या कलंक है। बेटियों को गुरुकुल में पढ़ाए। माता-पिता के आगे शीश झुकाए। भजनोपदेशक संदीप वैदिक ने ‘सुधरेगा जीवन तेरा, सत्य अपनाने के बाद’ सुनाकर प्रेरित किया। स्वामी योगानंद , वेदव्रत, पंकज आर्य अलीगढ़, राजपाल सिंह चाहल, आनंद पाल सिंह आर्य, सोम पाल आर्य, सुभाष त्यागी, योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह, शांति आर्या, राजबीर आर्य, जनेश्वर प्रसाद आर्य आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता आचार्य गुरुदत्त आर्य एवं संचालन आरपी शर्मा ने किया।
चेतन्याश्रम पर यज्ञ में दी आहुतियां
मुजफ्फरनगर। गांव पचैंडा कलां स्थित कृष्णदेव चेतन्याश्रम में यज्ञ में ग्रामीणों ने आहुति दी। भजन और प्रवचन से महर्षि दयानंद के समाज सुधार कार्यक्रम को गांव-गांव ले जाने का आह्वान किया गया। स्वामी सच्चिदानंद, स्वामी सूर्यवेश, आचार्य गुरुदत्त आर्य, महाशय ओम प्रकाश शास्त्री ने विचार रखे। आनंदपाल सिंह, आरपी शर्मा, रोहतास आर्य, जितेंद्र मलिक आदि का सहयोग रहा।