राजकीय इंटर कॉलेज में बैठने की व्यवस्था ही नहीं
पुरकाजी। राजकीय इंटर कॉलेज का शैक्षिक सत्र शुरू होने के बावजूद न तो अध्यापकों की ही तैनाती हो पाई है। इस कालेज में करीब 350 छात्र-छत्राओं के एडमिशन हो चुके हैं, जिनमें से कुुछ छात्र सोमवार को कालेज आए थे, मगर छात्रों के बैठने की व्यवस्था नहीं होने पर उन्हें वापस घर भेज दिया गया।
कस्बे में हाइवे पर करीब तीन करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से बने राजकीय इंटर कालेज में पहला शैक्षिक सत्र अप्रैल माह में प्रारंभ हुआ। विभाग द्वारा मात्र एक महिला अध्यापक की तैनाती कर कालेज में एडमिशन का कार्य शुरू करा दिया गया था। अब तक कक्षा 6 में करीब 50 और कक्षा 9 में 100 और कक्षा 11 में 200 छात्रों का एडमिशन हो चुका है, मगर दो माह बीत जाने के बावजूद आज तक कालेज में अध्यापकों व छात्रों के लिए एक भी मेज कुर्सी सहित किसी भी फर्नीचर का इंतजाम नहीं किया गया है। कालेज में सफाई का आलम यह है कि कमरों में धूल चढ़ी पड़ी है और आसपास परिसर में पूरी तरह गंदगी फैली है। इस संबंध में कॉलेज में तैनात अध्यापिका आकांक्षा नागपाल ने बताया कि एक महिला अध्यापक की तैनाती और की गई है। कालेज में करीब 350 छात्र-छत्राओं के एडमिशन हो चुके हैं, जिनमें से कुुछ छात्र सोमवार को कालेज आए थे, मगर छात्रों के बैठने की व्यवस्था नहीं होने पर उन्हें वापस भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि डीआईओएस को फर्नीचर के बारे में अवगत करा दिया गया है। जल्द ही अन्य व्यवस्थाओं में भी सुधार कर कालेज में शिक्षा कार्य आरंभ करा दिया जाएगा।
नहीं किया गया था कालेज का शुभारंभ
शासन द्वारा करीब तीन करोड़ की लागत से बनाए गए राजकीय इंटर कालेज में विभाग द्वारा इस कदर लापरवाही बरती गई थी कि कालेज खोलने से पहले शासन द्वारा भेजा गया शिलापट्ट तक नहीं लगाया गया था। इतना ही नहीं ना तो कालेज का विधि विधान से शुभारंभ ही किया गया था और न ही किसी जनप्रतिनिधि को बुलाना ही मुनासिब समझा था। इससे खफा क्षेत्रीय विधायक प्रमोद उंटवाल द्वारा मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। इसकी गूंज लखनऊ तक पहुंच जाने पर सहारनपुर से आए सहायक संयुक्त शिक्षा निदेशक अनिल भूषण ने कालेज का निरीक्षण किया था। विभाग द्वारा अगले दिन ही कालेज में शासन द्वारा भेजा गया शिलापट्ट लगवा दिया था।
नगर पंचायत कार्यालय कर रहा है सहयोग
भले ही कालेज नगर पंचायत की सीमा से बाहर है, मगर फिर भी नगर पंचायत कार्यालय द्वारा कालेज में समय समय पर सफाई कराकर सहयोग किया जाता है। नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारूकी का कहना है कि विभाग द्वारा सत्र आरंभ होने से पूर्व कालेज में फर्नीचर व सफाई व्यवस्था नहीं कराना शर्मनाक है।
- मेरे संज्ञान में इस कॉलेज के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। यदि कॉलेज में साढे़ तीन सौ बच्चों का एडमिशन है और शिक्षक कम है, तो वहां पर शिक्षकों और स्टाफ की तैनाती कराई जाएगी। हालांकि विभाग में टीचर्स की कमी है, फिर भी वहां शिक्षक तैनात किए जाएंगे। - प्रवीण कुमार मिश्र, डीआईओएस, मुजफ्फरनगर।