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4700 लोग तपेदिक के शिकार

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मुजफ्फरनगर। ट्यूबरकुलोसिस बैक्टरिया (टीबी) यानि तपेदिक। टीबी रोग की चपेट में बच्चों, बुजुर्गों से लेकर महिलाएं तक जकड़े हुए हैं। घातक बीमारी की रोकथाम के लिए डॉट्स के साथ स्वास्थ्य विभाग डेली रेजीमिन योजना चला रहा है। इसमें टीबी से पीड़ित रोगी को रोजाना दवाएं खिलाई जा रही है। तमाम कवायद और जागरूकता के जिले में हर तीन माह में औसतन करीब 1000 से अधिक मरीज सामने आते हैं। टीबी लाइलाज नहीं है, लेकिन इसकी रोकथाम नहीं की जाए तो यह जानलेवा हो सकती है।
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जनपद के नौ ब्लॉक में टीबी रोग के लक्षणों की जांच-पड़ताल की गई है। इसमें बड़ी संख्या में रोगी सामने आए हैं। खतौली, चरथावल, बघरा, मेघाखेड़ी, मोरना, जानसठ, बुढ़ाना, शाहपुर, पुरकाजी क्षेत्र में करीब 4700 लोगों में टीबी पाई गई है। इनमें 2803 पुरुष, 1826 महिलाएं और 60 से अधिक बच्चे पीड़ित है। इसके अलावा 26 फरवरी से मार्च तक चले एसीएफ अभियान में 46 नए मरीज सामने आए हैं। डीटीओ डॉ. लोकेश कुमार के अनुसार, हर तीन माह में डाटा तैयार होता है। मरीजों पर गौर करें तो कुछ लोगों में रोगी के संपर्क में आने के कारण होती है, जबकि अधिकांश पीड़ित अनुवांशिक रुप से हैं। नए मरीजों में लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं टीबी का शिकार मिल रही है।

पेंशन के लिए गाइड लाइन का इंतजार
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार ने आम बजट में घोषणा की थी कि टीबी से ग्रस्त लोगों को आहार के लिए पेंशन दी जाएगी। इसके लिए प्रति पीड़ित को पांच सौ रुपये मिलेंगे। यह योजना अभी विभाग में चालू नहीं हो सकी है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि पेंशन योजना पाइपलाइन में है। हालांकि इसके लिए शासन से कोई गाइड लाइन जारी नहीं हो सकी है, जो भी निर्देश आएंगे उसके आधार पर कार्य होगा।
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क्या है टीबी रोग
टीबी अर्थात ट्यूबर कुलोसिस बैक्टरिया एक संक्रामक रोग होता है। इसका बैक्टरिया शरीर के अंगों के साथ फेफड़ों पर ज्यादा असर करता है। इसके अलावा आंतों, मस्तिष्क, हड्डियों, जोड़ों, गुर्दे, त्वचा तथा हृदय भी टीबी से ग्रसित हो सकते हैं। रोगियों के कफ से, छींकने, खांसने, थूकने और उनकी सांस के संपर्क में आने से स्वस्थ व्यक्ति इसका शिकार बन सकता है।
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टीबी के लक्ष्ण
-तीन हफ्ते से ज्यादा खांसी।
-बुखार (जो खासतौर पर शाम को बढ़ता है)।
-छाती में तेज दर्द।
-वजन का अचानक घटना।
-भूख में कमी आना।
-बलगम के साथ खून का आना।
-बहुत ज्यादा फेफड़ों का इंफेक्शन होना।
-सांस लेने में तकलीफ।
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ऐसे होती है टीबी की जांच
मुजफ्फरनगर। टीबी की जांच छाती का एक्सरे, बलगम की जांच, स्किन टेस्ट के साथ आईजीएम हीमोग्लोबिन जांच कर भी टीबी का पता लगाया जा सकता है।

टीबी से बचने के उपाय
-दो हफ्तों से अधिक समय तक खांसी रहती है, तो चिकित्सक को दिखाए।
- बीमार व्यक्ति से दूरी ही बनायें।
-आसपास कोई बहुत देर तक खांस रहा है, तो उससे दूर रहें।
- किसी बीमार व्यक्ति से मिलने जा रहे हैं, तो अपने हाथों को जरूर धो लें।
-पौष्टिक आहार लें जिसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिंस , मिनरल्स , कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर हो।
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