प्रदेश में आलू काश्तकारों की हालत खराब : चौधरी
अमर उजाला ब्यूरो
खतौली। रालोद कार्यकर्ताओं की बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक चौधरी ने कहा कि प्रदेश के आलू काश्तकारों की हालत खराब है। विगत तीन वर्षों से लागत मूल्य भी नहीं मिल पाने के कारण किसान की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। वर्तमान में विगत वर्ष की फसल के आलू की खपत नहीं होने के कारण शीतगृहों से निकालकर सड़कों पर फेंका जा रहा है। माह फरवरी में आने वाली फसल का भविष्य भी खराब होने की आशंका से किसान चिंतित हैं।
आर्य समाज में हुई बैठक में अभिषेक चौधरी ने कहा प्रदेश सरकार से रालोद की ओर से मांग की जाती है कि माह जनवरी के अंत तक आलू के लाभप्रद समर्थन मूल्य की घोषणा कर फरवरी के दूसरेे सप्ताह से आलू की सरकारी खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शीतगृह भंडारण दर वर्ष 1998 से पहले की व्यवस्था के अनुसार सरकार द्वारा गठित विषय विशेषज्ञों, किसान, शीत गृहस्वामी की कमेटी द्वारा तय की जाए और इस दर की घोषणा को फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में कर दी जाए। आलू उत्पादन में प्रदेश के अग्रणी जनपदों आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हापुड़, मेरठ आदि में आलू प्रसंस्करण उद्योग स्थापित की जाए। सरकार से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से की गई थी, परंतु अभी तक सरकार के कानों पर आलू किसानों की समस्या को लेकर जूं तक नहीं रेंगी हैं। इसके विपरीत लखनऊ में आलू फेंकने के जुर्म में किसानों पर पुलिस द्वारा उत्पीड़न कराकर मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके विरोध में 18 जनवरी को आगरा में किसान पंचायत होगी। जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र तोमर ने कहा कि जनपद में मोरना व जानसठ ब्लॉक में आलू उत्पादन किसान काफी संख्या में आगरा की किसान पंचायत में भाग लेगें। अध्यक्षता धन प्रकाश त्यागी और संचालन धर्मेंद्र तोमर ने किया। पंकज राठी, इकरामुद्दीन सैफी, अमित चौधरी, अमित तोमर, पुष्पेंद्र चौधरी, उस्मान चौधरी, राहुल अहलावत, गौरव पराशर, तेजपाल सैनी आदि उपस्थित रहे।