कांवड़ मेले को लेकर पुलिस पूरी तरह से व्यस्त हो गई है। एसएसपी से लेकर सिपाही तक मेले की तैयारियों में जुट गए हैं। रोजाना मीटिंग, फोर्स के ड्यूटी प्वाइंट, कांवड़ मार्गों का निरीक्षण, सुरक्षा और अन्य कामों को सूचीबद्ध करने की तैयारी में पुलिस लगी है। अगले सप्ताह से शुुरू होने वाले कांवड़ मेले में जनपद से करोड़ों भोलों के गुजरने की संभावना जताई जा रही है।
कांवड़ मेले को लेकर शासन स्तर से जनपद के अधिकारी तक सभी तैयारियों में जुट गए हैं। मेले को लेकर कप्तान को देहरादून, सहारनपुर की मीटिंग के बाद शनिवार को मेरठ में डीजीपी की बैठक में जाना पड़ा। पुलिस के सभी बड़े अफसर मेले को लेकर बिल्कुल नए हैं। अफसरों से लेकर सिपाही तक सभी मेले की तैयारियों में लगे हैं। रोजाना कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया जा रहा है। भोलों के रास्ते में पड़ने वाली दिक्कतों को दूर करने के समाधान को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है। रास्ते में लगने वाले शिविरों, सड़कों के गड्ढे, लाइट व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों के स्थान, अर्द्धसैनिक बल, पीएसी और सिविल पुलिस की तैनाती की जगहों को चयनित करने, मिश्रित आबादी वाली जगहों के अलावा संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जगहों की सूची, थाना स्तर पर क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों के साथ पुलिस बैठक आदि व्यवस्था बनाने में पुलिस जुटी है। अधीनस्थों से पुलिस अफसर मेले को लेकर रोजाना जानकारियां मंगा रहे हैं।
सीएम योगी के आदेशों के चलते भोलों की सुरक्षा और इंतजाम में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। शिकायत लेकर आने वाले पीड़ित हों या काम की मजबूरी में छुट्टी पर जाने वाले पुलिस कर्मचारी सभी को अफसर कांवड़ मेले के बाद का समय दे रहे हैं। पुलिस पूरी तरह से कांवड़ मेले की तैयारियों में जुट गई है। तिथि के अनुसार अगले सप्ताह से जनपद से लंबी दूरी के भोलों का गुजरना शुुरू हो जाएगा।
सुरक्षा के लिए बनाए जाएंगे सर्च टावर
मुजफ्फरनगर। भोलों की सुरक्षा को लेकर शासन नई व्यवस्था में जुटा है। हर बार कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले मकानों की छत पर बैठकर पुलिसकर्मी ड्यूटी करते थे। इस बार शासन ने सर्च टावर लगाने की तैयारी की है। 20 से 25 फुट ऊंचे टावरों पर बावर्दी पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवान आधुनिक दूरबीन और शस्त्रों के साथ 24 घंटे तैनात रहेंगे। इन टावरों से मेले की काफी दूरी तक निगेहबानी हो सकेगी। पुलिस से सर्च टावरों के लिए जगह चयनित करने को कहा गया है।
नहीं हो सकी कांवड़ मार्ग की सफाई
भोपा। कांवड़ मेले का एक सप्ताह बाकी रहने के बाद भी गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग पर खड़े घास-फूस को काटने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। हाईवे के बाद गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग पर चलने वाले कांवड़ियों की संख्या लाखों में होती है। यहां से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान आदि प्रांतों के लिए कांवड़िये अपनी मंजिल तय करते हैं। अभी तक घासफूस काफी मात्रा में खड़ा है, जबकि कांवड़ मेला शुरू होने का मात्र एक सप्ताह बाकी रह गया है।