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रमजान माह में चुनाव पर उलमा की राय जुदा

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रमजान माह में चुनाव पर उलमा की राय जुदा
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देवबंद (सहारनपुर)। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तिथि घोषित कर दी है। पहले चरण को छोड़ बाकी जगह मतदान रमजान माह में होने हैं। इसे लेकर उलमा अलग-अलग राय रख रहे हैं। कुछ का कहना है कि चुनावी कार्यक्रम ईद के बाद रखा जाना चाहिए जबकि कुछ को इस कार्यक्रम पर कोई ऐतराज नहीं है।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि चुनाव आयोग ने मतदान के लिए जो एलान किया है उन्हीं तारीखों के बीच रमजान का मुबारक महीना भी है। मुसलमान इस माह का पूरे साल बेसब्री से इंतजार करते हैं और इसके शुरू होने के बाद अपना अधिक समय इबादत में गुजारते हैं। मुफ्ती असद ने आयोग से ईद के त्योहार के बाद चुनाव कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि इससे लोगों को राहत मिलेगी और वह आराम से रमजान माह के साथ ही ईद का त्योहार मना सकेंगे।
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आल इंडिया दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक और आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने चुनाव आयोग द्वारा दी गई तारीखों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रमजान में चुनाव कराने पर किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यह हकीकत है कि रमजान मुसलमानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण इबादत का महीना है। इस महीने में लोग रोजे, तरावीह और सहरी के अलावा और भी बहुत इबादत करते हैं। साथ ही रोजे की हालत में अपने काम निपटाते हैं। फिर रमजान में चुनाव पर किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोट का इस्तेमाल शरीयत के मुताबिक करना चाहिए।
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