मुजफ्फरनगर। एफटीसी-2 ने सिसौली के दुकानदार तेजपाल सिंह की हत्या के मामले में दो हत्यारों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुकदमे का जल्द निस्तारण करने के आदेश दिए थे।
सिसौली कसबा निवासी तेजपाल सिंह पुत्र सुखबीर सिंह की पांच जनवरी 2010 की शाम को दुकान पर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई जयवीर सिंह ने कसबे के ही अखिलेश पुत्र बाबू, कमल पुत्र रणवीर और योगेश उर्फ छुटकू पुत्र हरफूल के खिलाफ भौराकलां थाने पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई तेजपाल सिंह कस्बे के मुख्य बाजार में किराना की दुकान करता था। आरोपियों पर उसका उधार बकाया था, जिस कारण उसने सामान उधार देना बंद कर दिया था। इसी रंजिश में घटना के रोज रात सात बजे वह जब दुकान बंद कर रहा था, तभी योगेश की बाइक पर अखिलेश और कमल आए और तेजपाल की गोलियां मार कर हत्या कर दी। मृतक के बेटे विशाल और भांजे रुपेश ने हत्यारोपियों का पीछा किया, मगर वे फरार हो गए। भौराकलां पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की। यह मुकदमा एडीजे पूनम राजपूत की अदालत एफटीसी-2 में सुना गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रीतू चौधरी ने कोर्ट में 12 गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए दुकानदार तेजपाल सिंह की हत्या में उक्त तीनों को दोषी करार देते हुए अखिलेश और कमल को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और दो-दो हजार रुपया जुर्माना तथा 25 आर्म्स एक्ट में दो-दो वर्ष के कारावास और एक-एक हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है।
योगेश नहीं हुआ पेश
मुजफ्फरनगर। दुकानदार तेजपाल हत्याकांड का तीसरा हत्यारा योगेश उर्फ छुटकू मंगलवार को कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अदालत ने उसे हत्या में दोषी करार देते हुए उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। वहीं, योगेश फौज में है।
अखिलेश पहले से है जेल में
मुजफ्फरनगर। तेजपाल हत्याकांड में सजा पाने वाला अखिलेश किसी अन्य मामले जेल में बंद है, जबकि कमल जमानत पर था। सजा सुनाए जाने के बाद उसे भी अदालत ने जेल भेज दिया है।