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नल्हेड़ा राजवाहे में गंगा लिंक से 35 क्यूसेक पानी छोडने की मांग

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मोरा में पंप संयंत्र का उद्घाटन होने के बाद भी किसानों को नहीं मिला पानी, रोष
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देवबंद (सहारनपुर)। देवबंद विधानसभा के जड़ोदापांडा समेत दर्जन भर गांवों के किसानों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। जिसमें रजबहे नल्हेड़ा माइनर जड़ोदापांडा में गंगा लिंक नहर से 35 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की मांग की है। जिससे कि सिंचाई के अभाव में उनकी बंजर हो चुकी जमीन खेती लायक बन सके।
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संघर्ष समिति के संयोजक अरविंद त्यागी, सतेंद्र त्यागी, नरेंद्र त्यागी, महीपाल, राकेश प्रधान, बिजेंद्र राणा, विनोद प्रधान, कुशलपाल और साधूराम आर्य ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि देवबंद विधानसभा के मोरा, तिलफरा, नयागांव, लोटनी, ऊमरी, कान्नाहेड़ी, जड़ोदापांडा, किशनपुर, घिसरपड़ी, जयपुर और शेरपुर आदि गांव पिछले करीब 30 वर्षों से रजबहे में पानी नहीं आने से उनकी कृषि भूमि बंजर हो चुकी है। जबकि किसान धरने प्रदर्शन आदि भी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने किसानों को 35 क्यूसेक पानी देने की बात कही थी। जिसके लिए पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा और क्षेत्रीय विधायक ब्रिजेश सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ मोरा गांव में दो करोड़ 64 लाख रुपये की लागत से बनने वाले पंप संयंत्र का शिलान्यास भी कर दिया था। परंतु दो माह गुजरने के बाद भी रजबहे में पानी नहीं छोड़ा गया। जिससे किसानों में रोष व्याप्त है। उन्होंने मुख्यमंत्री से समस्या के निस्तारण की मांग करते हुए सिंचाई मंत्री से इसका विधिवत उद्घाटन कराने की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि सिंचाई मंत्री को भी भेजी गई है। वहीं क्षेत्रीय विधायक ब्रिजेश सिंह ने कहा कि आचार संहिता लगी होने के कारण सभी कार्य बाधित पड़े थे। लेकिन अब सभी कार्यों को सरकार अमलीजामा पहनाने का कार्य कर रही है। नल्हेड़ा रजबहे में भी पानी छोड़ने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है।
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