294 करोड़ की जिला योजना को मिली मंजूरी
मुुजफ्फरनगर। जिले के विकास के लिए तैयार हुई वार्षिक जिला योजना को मंजूरी मिल गई। प्रभारी मंत्री सतीश महाना की अध्यक्षता में हुई बैठक में 294.26 करोड़ की योजना को पास कर दिया गया। सड़क एवं पुल निर्माण, पंचायत राज, चिकित्सा और ग्रामीण आवास योजना में सबसे ज्यादा बजट रखा गया है।
सोमवार को विकास भवन के सभागार में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री सतीश महाना के सामने जिले की विकास योजना का खाका रखा गया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से चर्चा के बाद जिला योजना को मंजूरी दे दी। जिला योजना में शामिल 50 विभागों में से ग्राम्य विकास विभाग की ग्रामीण आवास योजना के लिए 45 करोड़, गन्ना विभाग के लिए 17.90 करोड़, रोजगार कार्यक्रम मनरेगा के लिए 16.62 करोड़, पंचायत राज विभाग के लिए 35.40 करोड़, सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 88.67 करोड़, खेलकूद के लिए 27.34 करोड़, ग्रामीण पेयजल के लिए 10.09 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव रखा गया, जबकि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग राम गंगा कमांड, ग्राम्य विकास के सामुुदायिक विकास, रेशम उद्योग, प्राविधिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, परिवार कल्याण, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम, पूल्ड आवास लोक निर्माण विभाग तथा कार्यक्रम विभाग के लिए कोई बजट नहीं शामिल किया गया। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान, विधायक कपिल देव अग्रवाल, उमेश मलिक, प्रमोद ऊंटवाल, डीएम अजय शंकर पांडेय, सीडीओ अर्चना वर्मा, एसएसपी सुधीर कुमार सिंह समेत जिले के अन्य अधिकारी एवं जिला योजना समिति के सदस्य मौजूद रहे।
मंत्री ने जल निगम के अधिशासी अभियंता की क्लास ली
मुुजफ्फरनगर। पेयजल परियोजनाओं के संबंध में मिली शिकायतों पर प्रभारी मंत्री सतीश महाना और केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने कड़ी नाराजगी जताई। गांवों में लगी पेयजल परियोजनाओं में पानी नहीं आने की शिकायतें की गई हैं। इस पर प्रभारी मंत्री ने जल निगम के अधिशासी अभियंता पवन कुमार अग्रवाल को फटकार लगाई। तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश डीएम अजय शंकर पांडेय को दिए। साथ ही कमियां मिलने पर कार्रवाई को भी कहा। साथ ही पंचायत राज विभाग से शौचालय निर्माण के लिए अपात्रों को भेजी गई रकम की रिकवरी के बारे में भी पूछा। बताया जाता है कि पंचायत राज विभाग से 58 हजार शौचालयों के निर्माण के लिए रकम जारी की गई थी। इसमें बड़ी संख्या में अपात्रों को भी धनराशि दे दी गई थी। मंत्री ने रिकवरी करने के कड़े निर्देश दिए।
बजट न मिलने के सवाल पर कन्नी काट गए मंत्री
मुजफ्फरनगर। प्रत्येक वर्ष बनने वाली जिला योजना में पूरा बजट नहीं मिलने के सवाल पर प्रभारी मंत्री कन्नी काट गए। दरअसल गत वर्ष 291 करोड़ रुपये की जिला योजना तैयार हुई थी। पूरे वित्तीय वर्ष में जिला योजना के सापेक्ष मात्र 60 करोड़ रुपये ही मिल सके। इस संबंध में जब मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अन्य मदों में विभागों को बजट मिल जाता है।