शहर के कूड़े से बनेगी ब्रिक लैट
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के लिए परेशानी बने कूड़े के निस्तारण के लिए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की गई है। ब्रिक लैट (कूड़े की ईंटें) बनाकर कूड़ा निस्तारण करने की योजना बनाई गई है। इस प्रक्रिया में कूड़े को क्रश करके बारीक कर दिया जाता है और उसे दबाकर ईंट की शक्ल दी जाती है। इनका इस्तेमाल ईट भट्ठों या अन्य कारखानों में ईंधन के रूप में होता है।
करीब चार लाख आबादी क्षेत्र वाले नगर पालिका क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण बड़ी समस्या रहा है। नगर से प्रतिदिन करीब 180 टन कूड़ा निकलता है। इसे डंफरों से ढोकर किदवईनगर स्थित एटूजेड प्लांट में डाल दिया जाता है। करीब एक साल पहले तक एटूजेड कंपनी कूड़े कंपोस्ट खाद बनाकर इसका निस्तारण कर रही थी। लेकिन अब यह काम बंद है। इससे प्लांट में कूड़े के अंबार लगे है। हाल ही में दिल्ली की एक कंपनी ने प्लांट में कूड़े से ब्रिक लैट बनाने का प्लांट लगाने के लिए संपर्क किया है। यह कंपनी कूड़े से पालिथीन अलग करेगी और बचे हुए कूड़े को बारीक क्रश कर उसे मशीनों से दबाकर ईटों की शक्ल देगी। यह ब्रिक लैट ईट भट्ठों और अन्य कारखानों में ईधन के रूप में इस्तेमाल होगा। ब्रिक लैट बनाने की प्रक्रिया में पालिथीन को छोड़कर अन्य सभी कूड़े का निस्तारण हो सकेगा और इसमें किसी तरह का प्रदूषण भी नहीं होगा। बताया जाता है कि कंपनी ने नगर पालिका से केवल जगह देने की मांग की है। किदवईनगर के कूड़ाघर में ही यह प्लांट लगाया जाएगा। इस संबंध में नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव भी पास हो गया है। और इसे प्रमुख सचिव नगर विकास को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।
बिजली बनाने में लगेगा लंबा समय
मुजफ्फरनगर। बरसात नजदीक है। वहीं, कूड़ा निस्तारण न होने से नगर पालिका अधिकारी परेशान हैं। किदवईनगर में कूड़े के अंबार बारिश होते ही सड़ने लगेंगे और आसपास की आबादी का रहना मुश्किल हो जाएगा। पहले भी स्थानीय लोग नगर पालिका के कूड़ा वाहनों को रोककर अपना विरोध जता चुके हैं। इससे पहले कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। लेकिन इसके शुरू होने में तीन साल तक लग सकते हैं। तब तक कूड़ा निस्तारण कैसे होगा। इसलिए नगर पालिका ब्रिक लैट प्लांट लगवाने के लिए प्रयास कर रही है।
कूड़ा निस्तारण के लिए ब्रिक लैट बनाने का प्लांट लगाने के प्रयास चल रहे हैं। प्रस्ताव जिला स्तर से पास हो गया है। दिल्ली की कंपनी यहां प्रोजेक्ट लगाना चाहती है। शासन से अनुमति मिलने पर काम शुरू हो जाएगा। - डॉ. आरएस राठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।