मुजफ्फरनगर। पिछले कई दिनों से दिनों में पड़ रही भीषण गर्मी का कहर बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। दिनभर गर्मी से लोग परेशान रहे। शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदला। बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे उमस और बढ़ गई। हवा चलने पर लोगों को थोड़ी राहत मिली।
बीते कई दिनों से गर्मी के कारण लोगों का बुरा हाल हो रहा है। बृहस्पतिवार को भी दिन की शुरुआत तेज गर्मी के साथ हुई। दोपहर दो बजे तक तेज धूप के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल रहा। शाम को अचानक बादल छाने लगे। शाम करीब चार बजे हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन यह कुछ ही देर में रुक गई। इससे उमस और बढ़ गई। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। थोड़ी देर बाद हवा चली तो मौसम का मिजाज ठंडा होने लगा। दिनभर की गर्मी के बाद शाम को थोड़ी राहत महसूस हुई।
न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी से बढ़ी गर्मी
बीते पांच दिनों से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। न्यूनतम तापमान में इजाफा होने के कारण गर्मी और बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 27.4 तथा अधिकतम 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिक और न्यूनतम तापमान में मामूली अंतर रह गया है। इस कारण गर्मी लगातार बनी हुई है।
गर्मी के साथ अस्पताल में बढ़े मरीज
मुजफ्फरनगर। गर्मी के कारण स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। सामान्य दिनों में ओपीडी में आने 1500 से 1600 तक मरीज आते थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह आंकड़ा 2200 तक पहुंच रहा है।
हालांकि एक दिन पूर्व ईद के बावजूद बृहस्पतिवार को भी ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ लगी थी। जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड और सामान्य वार्ड मरीजों से भरा हुआ था। सबसे ज्यादा मरीज उल्टी-दस्त के भर्ती थे। वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर लोकेश गुप्ता ने बताया कि गर्मी में लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं। इसलिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए। स्वच्छता का विशेष ध्यान देना चाहिए। खुले में रखे तथा गंदगी में बेचे जा रहे पदार्थ न लें। कटे-फटे फल न खाएं। धूप से बचने के लिए पूरे कपड़े पहनकर तथा सिर ढककर घर से बाहर निकलें। बच्चों को धूप में न खेलने दें। उन्हें नमक-चीनी का घोल देते रहें। साथ ही मौसमी फल और जूस आदि भी खूब देें।