कांशीराम कॉलोनी में बिन बिजली-पानी मनाई ईद
मुजफ्फरनगर। भीषण गर्मी में कांशीराम कालोनी के मुस्लिम परिवारों ने बिना बिजली और पानी के ही ईद मनाई। कालोनी के 150 परिवारों में ईद के दिन भी विद्युत विभाग और एमडीए की लापरवाही से अंधेरा छाया रहा। अमर उजाला के मामला उठाने के बाद डीएम अजय शंकर पांडेय के आदेश का भी अफसरों पर कोई असर नहीं हो रहा है।
2011 में बसपा सरकार के दौरान शहर के शामली रोड पर खांजापुर में कांशीराम कॉलोनी का निर्माण शुरू हुआ। 2012 में प्रदेश में सपा की सरकार आने के बाद कालोनी के अधूरे काम बीच में ही लटक गए। पांच साल तक यह कालोनी बिजली, पानी और सड़क के बिना पड़ी रही। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने और पीएम नरेंद्र मोदी के बेघरों को आवास देने के अभियान में इस कालोनी को तैयार कराने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार ने एमडीए को दी। एमडीए ने यहां पानी की टंकी का निर्माण कराया, कॉलोनी की सड़कें बनवाई और बिजली की लाइन बिछवाई। यह सब काम पूरा होने के बाद जिला प्रशासन ने एक लंबी प्रक्रिया के बाद 500 बेघरों को लॉटरी के माध्यम से आवासों का आवंटन कर दिया। 14 मार्च 2019 को मकान आवंटित होने के बाद सभी परिवार यहां रहने लगे। कालोनी में परिवारों को तो प्रशासन ने बसा दिया, लेकिन उनके लिए बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं की गई। आवास आवंटन के ढाई माह बाद भी कालोनी में बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाई है। भीषण गर्मी में इस कालोनी के लोग अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। आलम यह है कि गर्मी के कारण जब कमरों में सो नहीं पाते हैं तो कालोनी के पार्क और सड़कों पर लोग रात गुजारते हैं। बिजली आपूर्ति नहीं होने से पानी की दिक्कत भी बनी है। 30 मई को अमर उजाला यह मामला उठाया तो डीएम अजय शंकर पांडेय ने एमडीए और बिजली विभाग के अधिकारियों की बैठक कर विद्युत आपूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए। डीएम के आदेश के एक सप्ताह बाद भी अफसरों ने बिजली आपूर्ति प्रारंभ नहीं कराई है। इसके चलते ईद का पर्व भी इस कालोनी के 150 परिवारों को बिना बिजली पानी के ही मनाना पड़ा। ईद पर भी रात में यहां अंधेरा छाया रहा। कालोनी के सलीम कहते हैं कि इस गर्मी में आदमी कुछ देर भी बिना पंखे और कूलर के नहीं रह पाता, हम लोगों को बिना बिजली अंधेरे में रहना पड़ रहा है। कालोनी की सन्नो, इंतजार आदि भी ईद पर बिजली नहीं होने से बेहद दुखी नजर आए। एमडीए सचिव महेंद्र प्रसाद विद्युत आपूर्ति नहीं होने पर बिजली विभाग को जिम्मेदार मान रहे हैं। वहीं विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता एके आत्रेय का कहना है कि एमडीए की ओर से ही लापरवाही हो रही है।
इस मामले में दोषी नपेंगे: डीएम
मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय का कहना है कि कालोनी के लोगों को बिजली नहीं मिलने से वह चिंतित हैं। संबंधित अफसरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी विद्युत आपूर्ति में देरी गंभीर मामला है। इस मामले में देरी पर दोषी अफसरों पर अब सीधे कार्रवाई होगी।