ग्राम करौंदा महाजन के राशन डीलर पर कसेगी नकेल
मुजफ्फरनगर। राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के शासन के आदेश को पूर्ति विभाग एक माह तक दबाए बैठा रहा। मामला डीएम के संज्ञान में आने पर एडीएम को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही गांव करौंदा महाजन के राशन डीलर और ग्राम प्रशासनिक समिति के सदस्यों के खिलाफ भी तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए।
डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि वर्ष 2017 में बुढ़ाना तहसील के ग्राम करौंदा महाजन के राशन डीलर इंद्रपाल के खिलाफ ग्राम प्रधान व प्रधान के पति ने राशन वितरण में धांधली की शिकायत की थी। शिकायत सही मिलने पर दुकान निलंबित कर दी गई। इंद्रपाल ने संयुक्त आयुक्त कोर्ट सहारनपुर में अपील की, लेकिन खारिज हो गई। उन्होंने बताया कि फरवरी 2018 में दुकान निरस्त कर दी गई थी। इसकी शिकायत शासन स्तर पर भी की गई। शासन के आदेश पर खाद्य प्रकोष्ठ की टीम ने जांच कर 2018 में रिपोर्ट शासन को भेजी। इस प्रकरण में शासन ने 13 मार्च को राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। डीएम ने बताया कि उक्त प्रकरण में कार्रवाई न होने की उन्हें फोन पर शिकायत मिली। इस पर संज्ञान लेते हुए शासन के आदेश को दबाए रखने के दोषियों के विरुद्घ जांच कर कार्रवाई के निर्देश एडीएम प्रशासन अमित सिंह को दिए। डीएम ने बताया कि राशन डीलर इंद्रपाल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की गई है। इसके अलावा वितरण प्रमाण पत्रों को प्रमाणित करने वाले ग्राम प्रशासनिक समिति के सदस्य असगर अली, शिवराज उर्फ पप्पू एवं उर्मिला निवासी करौंदा महाजन के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा। पर्यवेक्षणीय अधिकारियों नलकूप चालक वीरेंद्र सिंह, रमेश चंद्र (द्वितीय), हरबीर सिंह, सुनील कुमार एवं बेगराज के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।