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जीवन कल्याण के लिए स्वार्थ से बचें

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मुजफ्फरनगर। कथा व्यास अरविंद जी महाराज ने कहा कि जीवन कल्याण के लिए स्वार्थ के भाव से बचें। मैं और मेरा की भावना आपसी स्नेह मिटाती हैं। कथा के अंतिम सत्र में उन्होंने राम के अयोध्या वापस आने और खुशियों का भव्य चित्रण किया।
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श्री हरि सत्संग सेवा समिति के तत्वाधान में चल रही श्रीराम कथा में अरविंद जी महाराज ने कहा कि हमें लोभ से बचकर रहना चाहिए। लोभ ही हमारे पतन का कारण है। काम और क्रोध जीवन में क्षण भर को आता है। लोभ एक बार हमारे मन और विचारों में छा जाता है तो बढ़ता चला जाता है। मैं और मेरा के फेर से बचकर ही कल्याण होगा। हम और हमारा की भावना मन में होनी चाहिए। कथा व्यास ने कहा कि कैकयी ने लोभ वश ही भरत का राजतिलक करवाया। लोभ कब जागृत हो जाए, कहा नहीं जा सकता। लोभी व्यक्तियों से बचकर रहना चाहिए। संगत का असर अवश्य पड़ता है। अंतिम दिन महाराज श्री ने विभिन्न प्रसंग सुनाए। कथा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। प्रसाद वितरण मूलचंद स्वीट्स ने किया। संचालन रविंद्र जैन और अनिल नामदेव ने किया। भाजपा नेता अरविंद राज शर्मा, सुधाराज शर्मा, ब्रह्म प्रकाश शर्मा, जनार्दन शर्मा, श्रवण सर्राफ, गोपाल कृष्ण, अतुल जैन, कन्हैया लाल, रविंद्र गुप्ता, राजकुमार, प्रदीप मित्तल, कुलदीप, मनोज पंवार, रामानंद, बाल किरण आदि रहे।
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