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शहीदों का ऋण नहीं उतारा जा सकता: गुर्जर

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मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के दौरान हुए शहीदों के सम्मान एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार सदैव नतमस्तक है। गांव रुमालपुरी के शहीद सचिन गुर्जर की प्रतिमा के अनावरण के बाद उपस्थित जनसमूह ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने लाडले के सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
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मीरापुर क्षेत्र के गांव रुमालपुरी निवासी भूषण सिंह के युवा पुत्र सचिन गुर्जर 28 वर्ष की आयु में एक सितंबर 2016 को छत्तीसगढ़ के सुकमा क्षेत्र में नक्सलियों से मुकाबला करते समय वीरगति को प्राप्त हो गया था। सचिन के सर्वोच्च बलिदान के एक वर्ष बाद उसकी पुण्य स्मृति में बिजनौर हाईवे से उसके गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर एक स्मृति द्वार और गांव के प्राइमरी स्कूल के निकट एक आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई। शहीद की प्रतिमा का अनावरण केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने किया। उन्होंने शहीद को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश वीरों की भूमि है। सचिन मात्र 28 वर्ष की छोटी सी उम्र में ही मां भारती की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। उन्होंने कहा कि सचिन की प्रतिमा नवयुवकों के लिए प्रेरणा प्रदान करती रहेगी। केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि क्षेत्र के शहीद हरविंद्र पंवार निवासी कटिया और सचिन गुर्जर की स्मृति में हाइवे के दो तिराहों का नामकरण कराने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम कासमपुर खोला के पूर्व प्रधान रामसिंह ने तथा संचालन वीरेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान विधायक अवतार सिंह भड़ाना, इलम सिंह गुर्जर, चंदन सिंह चौहान, ब्लाक प्रमुख योगेश कुमार, अनंगपाल, अरविन्द कुमार, जिला पंचायत सदस्य बब्बू, डॉ वीरपाल निर्वाल, नजर सिंह गुर्जर, वैद्य प्रदुमन शर्मा, पूर्व चेयरमैन नवीन सैनी आदि लोगों श्रद्धासुमन अर्पित किए।

दिव्यांगों के यूनिवर्सल पहचान-पत्र बनाए जाएंगे
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। प्रेसवार्ता में केंद्रीय राज्यमंत्री ने अपने विभाग की उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने देशभर में पांच हजार कैंप लगाकर आठ लाख दिव्यांगों को निशुल्क उपकरण उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु वाले दिव्यांगों का की पहचान के लिए यूनिवर्सल पहचान पत्र बनाने का कार्य चल रहा है। उन्होंने दिव्यांगों के आवागमन के लिए सुगम्य भारत योजना तथा जन्म से मूकबधिर बच्चों के लिए स्पीच थेरेपी और संबंधित उपकरण निशुल्क दिए जाने की योजना को भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि देशभर के प्रत्येक प्रदेश के दो-दो जिलों को दिव्यांगमुक्त करने की योजना जारी है।
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