10 हजार ई-रिक्शा और पंजीकृत 2500 भी नहीं
मुजफ्फरनगर। शहर में ई-रिक्शा चालकों के नेटवर्क को तोड़ पाना चुनौती बना है। सड़कों पर 10 हजार से अधिक ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं, लेकिन विभाग में इनका पंजीयन 2500 भी नहीं निकला है। लोगों ने इनके कारण लगने वाले जाम पर परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव से शिकायत की है। जिस पर सहायक संभागीय परिवहन विभाग को फटकार लगी है।
दिन निकलते ही शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी के कारण बुरा हाल रहता है। शिवचौक, मालवीय चौक, रोडवेज बस स्टैंड, महावीर चौक, अस्पताल तिराहा, विकास भवन के निकट ई-रिक्शा के जमावड़े से पैदल निकलना भी दूभर है। नासूर बने अवैध रूप से दौड़ने वाले ई-रिक्शा की शिकायत की गई तो परिवहन मंत्रालय की नींद टूट गई। हालांकि इनकी शिकायत जिले में बैठक लेने आईं परिवहन सचिव आराधना शुक्ला के समक्ष भी रखी गई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक शहर में करीब 10 हजार ई-रिक्शा का जाल फैला है, लेकिन इनमें से पंजीकृत लगभग 2500 भी नहीं हैं।
एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने अवैध रूप से दौड़ने वाली ई-रिक्शाओं को लेकर सख्ती की है। डीलरों से भी ई-रिक्शा विक्रय का ब्यौरा तलब किया है, ताकि इन पर अंकुश लगाया जा सके। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि आला अफसरों के निर्देश पर अब अवैध रूप से चलने वाली ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलेगा। बिना पंजीकरण के इन्हें सीज कर चालक पर जुर्माना लगाया जाएगा।