श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई, पिंड दान किए
मोरना (मुजफ्फरनगर)। शुक्रताल में पितृ विसर्जनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। गंगा में स्नान कर पितरों की शांति के लिए यज्ञ कराया। नगर में स्थित मंदिरों के दर्शन कर संतों का आशीर्वाद लेकर सत्संग आदि कार्यक्रमों में भाग लिया।
शक्रताल के गंगा घाट पर सुबह से ही दूर दराज से श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा रहा। हर-हर गंगे, हर-हर महादेव आदि के जयकारों के बीच गंगा में डुबकी लगाई। पितृ विसर्जनी अमावस्या को लेकर घाट पर मौजूद पुरोहितों, पंडों आदि से यज्ञ कराकर चावल, दाल, तिल, जौ, तेल, वस्त्र, चना, फल, मिठाई आदि से पितरों की शांति के लिए पिंड दान किया। भंडारे का प्रसाद खिलाकर दक्षिणा भी दी। इसके बाद शुकदेव आश्रम स्थित सप्त ऋषि भगवान श्री कृष्ण मंदिर के दर्शन करते हुए प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा कर धागा बांधा। ईश्वर से परिवार की सुख शांति की कामना की।
ब्रह्मलीन शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। हनुमानधाम, दंडी आश्रम, गणेशधाम, शिवधाम, दुर्गाधाम, सच्चाधाम, गोडिया धाम, शनि धाम, सिद्धपीट धाम, पीतांबरा धाम, बालाजी धाम, गंगा धाम, गुरुकुल आश्रम, ब्राह्मण आश्रम, जाट धर्मशाला आदि में चल रही कथाओं और सत्संग आदि को सुनकर पुण्य अर्जित किया। वहीं स्वामी ओमानंद महाराज, ब्रह्मचारी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केश्वानंद महाराज, महामंडलेश्वर गोपालाचार्य महाराज, स्वामी भजनानंद महाराज, स्वामी गीतानंद तीर्थ महाराज, स्वामी गीतानंद गिरी, स्वामी कृपालदास महाराज, स्वामी कुलभूषण महाराज, माता राजनंदेश्वरी आदि से आशीर्वाद भी लिया।