रेल हादसे के मृतकों के परिजनों को आठ लाख मिलेंगे
मुजफ्फरनगर। उत्कल एक्सप्रेस हादसे में मारे गए मृतकों के परिजनों को रेलवे बोर्ड आठ लाख रुपये मुआवजे के नाम पर देगा। रेलवे अधिकारियों ने साढ़े तीन लाख रुपये तत्काल घटना से अगले दिन बांटे थे, बाकी की मुआवजा राशि के लिए जांच की जाएगी। इसके लिए रेलवे की आरसीटी की टीम मामलों की सुनवाई करेगी। टीम के समक्ष परिजनों को अपने प्रमाण-पत्रों के साथ मृतक की भी डिटेल प्रस्तुत करनी होगी। जांच कर एक सप्ताह के भीतर मुआवजा मिलेगा।
19 अगस्त को पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। भीषण हादसे में ट्रेन 13 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में 20 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि छह यात्रियों ने अस्पतालों में दम तोड़ा था। हादसे में 200 से अधिक घायल हो गए थे। नॉर्दन रेलवे के दिल्ली डिवीजन के अधिकारियों ने मुआवजा बांटा था। डॉक्टरी परीक्षण और पीएम रिपोर्ट के बाद 20 मृतकों के परिजनों को नगद साढ़े तीन लाख बतौर मुआवजे के रूप में दिए थे। 70 घायलों को 25 हजार और गंभीर घायलों को 50 हजार रुपये दिए गए थे। अब मृतकों को रेलवे बोर्ड आठ लाख रुपये मुआवजा देगा। इसके लिए रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (आरसीटी) का गठन किया गया। ट्रिब्यूनल की टीम मृतकों के मामले में सुनवाई करेगी। रेल हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को अपने और मृतकों के प्रमाण-पत्र ट्रिब्यूनल में जमा कराने पड़ेंगे। यहां पर एक सप्ताह के भीतर सुनवाई के बाद मुआवजे की बाकी रकम साढ़े चार लाख रुपये दिए जाएंगे। मेरठ रेलवे अधिकारी गुरजीत सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों को मुआवजे के लिए ट्रिब्यूनल जाना पड़ेगा। मुजफ्फरनगर से मिली मृतकों की सूची के आधार पर मुआवजा बांटा गया है। पहले साढ़े तीन लाख रुपये दिए गए थे, अब बाकी राशि जांच के बाद परिजनों को दी जाएगी।