दम तोड़ गई हीमो डायलिसिस यूनिट की योजना
मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में लगने वाली हीमो डायलिसिस की योजना दम तोड़ गई है। जून माह तक योजना पर कार्य होना था, लेकिन शासन स्तर पर प्रोजेक्ट की फाइल लटकने से योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। इसके लिए विभाग ने बर्न यूनिट को खाली कर दिया। अब अस्पताल में बर्न यूनिट का भी संकट है।
मेरठ, गाजियाबाद या दिल्ली-नोएडा की दौड़ लगाने वाले मरीजों को राहत देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हीमो डायलिसिस यूनिट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया था। प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार ने प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुए जून तक कार्य पूरा करने का भरोसा दिया था। अब प्रदेश में योगी सरकार है। योगी सरकार ने प्रोजेक्ट की दोबारा से फाइल मंगवाई है। जिस पर आला अधिकारियों ने मंथन किया। फाइल देखने के बाद शासन ने जगह और व्यवस्था को सही ठहराया गया। जून माह में डायलिसिस यूनिट पर काम होना था, जो शुरू नहीं हो सका है। विभागीय कारणों के चलते प्रोजेक्ट शासन स्तर पर लटक गया है। उधर, अस्पताल में बर्न यूनिट इसी के लिए खाली की गई। अब बर्न यूनिट का भी अस्पताल में संकट है। उधर, शासन ने पहले जिले में यूनिट के लिए आने वाले मरीजों का आंकड़ा तलब किया है। एक वर्ष में कितने मरीज डायलिसिस की जरुरत के लिए आएं है। इसका ब्यौरा मांगा गया है। सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने बताया कि हीमो डायलिसिस के लिए प्रपोजल बनाकर शासन को भेजा गया है। हाई कमान स्तर से ही योजना पर कार्य किया जाना है। हीमो डायलिसिस यूनिट लगाने के लिए बर्न यूनिट में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।