चिकित्सकों के रजिस्ट्रेशन में भ्रष्टाचार समाप्त किया: शर्मा
मुजफ्फरनगर। आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुभाषचंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सकों के पंजीकरण में जो भ्रष्टाचार होता था उसे उन्होंने समाप्त कर दिया है। अब एक दिन में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
महावीर चौक स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता में डॉ सुभाषचंद शर्मा ने कहा कि देश में आयुष में पहली बार इतना काम हो रहा है। पीएम मोदी ने देश को दिल्ली में आयुष का एम्स दिया है। देश में छह और एम्स बनाए जा रहे हैं। लखनऊ में 25 बीघा जमीन चयन कर ली गई है। जल्द ही आयुष के एम्स का काम प्रारंभ हो जाएगा। शर्मा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विभाग के 31 पेरामैडिकल कॉलेज चल रहे हैं। बिना मानकों के चल रहे दस कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रदेश में बिना मानकों के कोई पेरा मेडिकल कॉलेज नहीं चलेगा। भाष्कर की डिग्री के चिकित्सकों को भी मान्यता दी गई है। प्रदेश में इस समय 38100 आयुर्वेद चिकित्सकों और 14200 यूनानी चिकित्सकों को पंजीकरण है। पंजीकरण में लखनऊ चल रहे खेल को खत्म कर दिया गया है। अब एक दिन में ही पंजीकरण की कार्रवाई हो रही है। समस्त प्रक्रिया ऑन लाइन है। पत्रकार वार्ता में रोहताश पाल, सुनील शर्मा, ब्रिजेश दीक्षित, बिजेंद्र पाल, आशुतोष शर्मा रहे।