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तीन दिवसीय श्री बालाजी धाम का वार्षिकोत्सव शुरू

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तीन दिवसीय बालाजी धाम का वार्षिकोत्सव शुरू
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शाहपुर। कस्बे में आयोजित तीन दिवसीय बालाजी जन्मोत्सव और बालाजी धाम का द्वितीय वार्षिकोत्सव बृहस्पतिवार से शुरू हुआ। प्रथम दिन बालाजी धाम पर भव्य सुंदरकांड हुआ। बालाजी महाराज को छप्पन भोग घनश्याम नामदेव की ओर से लगाया गया। सुंदरकांड के दौरान बालाजी धाम मंदिर सेवा समिति के सदस्यों द्वारा बालाजी महाराज का गुणगान किया गया। बालाजी महाराज के स्वर्ण चोले में दर्शन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। सुंदर-सुंदर झांकियां निकाली गई। इस दौरान घनश्याम नामदेव, उमेश मित्तल, शिवांक नामदेव, अतुल, संजू, हरवीर, पंकज, राजू, देशराज, ऋषभ, रिंकू, श्रीनिवास, अशोक, विपिन, अक्षय, रविंद्र आदि मौजूद रहे।

पहलवान सलीम का निधन
शाहपुर। गांव पलड़ी निवासी 60 वर्षीय पहलवान सलीम खां का हृदयगति रुकने से बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया। उनके जनाजे में आसपास के पहलवानों के अलावा दिल्ली से आए कई पहलवानों ने भाग लिया।
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गांव पलड़ी निवासी सलीम खां पुत्र अफरोज खां को बचपन से ही पहलवानी का शौक था। उनके दादा मुफ्ती खां अपने जमाने के प्रसिद्ध पहलवान रहे। दादा से अखाडे़ के दांवपेंच सीख कर सलीम भी आसपास के गांवों में होने वाले दंगलों में जोरआजमाइश करने लगे। सलीम दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व उत्तर प्रदेश में नामचीन पहलवानों में गिने जाते थे। बाड़ा हिंदूराव अखाड़ा दिल्ली के नसीम पहलवान को अपना उस्ताद बनाया था। पहलवानी के साथ साथ डीसीएम मिल दिल्ली में नौकरी भी की। डीसीएम मिल के बंद हो जाने पर जगतराम अखाड़ा दिल्ली में बच्चों को पहलवानी की ट्रेनिंग देते रहे। उन्होंने मलकपुर के हिंद केसरी पहलवान सुभाष को हराकर ख्याति प्राप्त की। वह आजकल अपने बड़े बेटे आलिम के यहां रह रहे थे। कसबे में उनको दफनाया गया। साथी पहलवान ध्यान सिंह, इसाक पहलवान, मांगेराम के अलावा दिल्ली से आए कई पहलवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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