माता रानी की कृपा बरसी, जन्मी 103 बेटियां
मुजफ्फरनगर। नारी शक्ति के प्रतीक नवरात्र में जिले में माता रानी की खूब कृपा बरसी है। गिरते लिंगानुपात को संभालने में इस बार स्थिति बेहतर है। नवरात्र के सात दिनों में महिला अस्पताल में 103 बेटियों ने जन्म लिया है। वहीं, वर्षभर में शहर से लेकर देहात में 20978 बेटियों की किलकारियों से आंगन गूंजा है।
कन्या भ्रूण हत्या, बेटियों के जन्म पर कलह जैसी कुरीतियां अब मिटती दिखाई दे रही है। सरकारी अफसरों के प्रयास और पढ़े-लिखे समाज ने बेटियों की कीमत को समझा है। अब तक नवरात्र में कन्या पूजन के लिए गली-गांव में घूमकर बेटियों को एकत्र करना पड़ता था, यह दंश जिले से दूर होता नजर आ रहा है। गिरते लिंगानुपात को संभालने में जनपद ने बेहतर रिकार्ड बनाया है। इस बार नवरात्र खास रहा है। जिला महिला अस्पताल में सात दिन के भीतर 93 बेटियों ने जन्म लिया है। वर्षभर जिले में माता रानी की मेहर बरसी है। जिसके चलते देहात, शहर के अस्पतालों में इस साल 20978 बेटियां पैदा हुई है। वहीं, इस साल लिंगानुपात के मामले में जिला की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर है। वर्ष 2016 तक जिले में हजार लड़कों पर 884 से 886 तक लड़कियां थी, जो इस बार बढ़कर हजार लड़कों पर 994 बेटियां तक पहुंच गई है। सीएमएस अमिता गर्ग ने बताया कि 18 मार्च पहले नवरात्र से शनिवार तक अस्पताल में 182 डिलीवरी की गई है। जिनमें 103 बेटियों ने जन्म लिया है। हालांकि पहले के मुकाबले इस साल बेटियों की संख्या बढ़ी है।
21 मार्च को 21 बच्चियां जन्मी
मुजफ्फरनगर। नवरात्र के एक रोज 21 मार्च को दिलचस्प आंकड़ा रहा है। इस दिन 21 लड़कियों ने जन्म लिया है। वहीं, बेटियों के जन्म होने पर परिवारों में खुशी का माहौल है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से नन्हीं परियों को उपहार दिए गए। जबकि जज्जा-बच्चा के लिए विशेष देखभाल कार्यक्रम चलाया गया। वहीं, नवरात्र में 79 बेटों का भी जन्म हुआ है।
नवरात्र में जन्म पर एक आंकड़ा
समय------------------जन्म
पहला नवरात्र शैलपुत्री-------11
दूसरे नवरात्र ब्रह्मचारिणी------20
तीसरे नवरात्र चंद्राघंटा--------15
चौथे नवरात्र कूष्मांडादेवी-------21
पांचवें नवरात्र स्कंदमाता--------12
छठा नवरात्र कात्यायनी---------14
सातवें नवरात्र कालरात्रि--------10