मुजफ्फरनगर। महामंडलेश्वर संत प्रवर गीता मनीषी पूज्यपाद स्वामी ज्ञानानंद के श्री मुख से 15 से 18 मार्च तक दिव्य गीता सत्संग का आयोजन होगा। जीओ गीता-श्री कृष्ण कृपा परिवार एवं हरे कृष्णा प्रचार समिति के तत्वाधान में महावीर चौक स्थित एक बैंक्वेट हाल 15 से 18 मार्च तक श्रद्धालुओं को गीता ज्ञान दिया जाएगा।
मीनाक्षी चौक स्थित कोल्ड स्टोरेज कंपाउंड परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम संयोजक अमरकांत गुप्ता ने बताया कि स्वामी ज्ञानानंद द्वारा यह पांचवां दिव्य गीता सत्संग है। इससे पहले एक दिन का आयोजन होता रहा है, पहली बार यह चार दिवसीय होगा। उन्होंने गीता को आर्ट ऑफ लिविंग और की ऑफ लाइफ बताते हुए कहा कि आज का मानव तनावग्रस्त है। चारों ओर मारामारी का आलम है, ऐसे में गीता ही वो ग्रंथ है, जिसका उपदेश मानव को आदिकाल से तनावमुक्त बना रहा है। इस ग्रंथ में कहीं भी हिंदू या मुस्लिम की बात नहीं है। मानवता की बात है। ये सभी धर्मों और वर्गों के लिए कल्याणकारी ग्रंथ है। इसमें वो सभी को आमंत्रित कर रहे हैं। महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ का दर्जा दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के साथ ही राष्ट्रपति से भी उन्होंने इस परिपेक्ष्य में भेंट की है। दिव्य गीता सत्संग कार्यक्रम के संरक्षक मंडल सदस्य एवं संयोजक सुरेंद्र अग्रवाल, अमरकांत गुप्ता, डॉ. मनोज काबरा, अतुल कुमार गर्ग, श्यामलाल बंसल, सुरेंद्र कुमार गुप्ता, महेंद्र कुमार गोयल एवं ब्रज गोपाल छारिया हैं।
15 मार्च से 17 मार्च तक नित्य सायं पांच बजे से साढ़े सात बजे तक परम संत धर्म अध्याय के प्रणेता एवं गीता ज्ञान गंगा के प्रबल वाहक ज्ञानानंद महाराज के श्री मुख से श्रीमद्भागवत गीता की उपयोगिता तत्व ज्ञान के लिए गीता, मानव जीवन से तनाव दबाव एवं चिंताओं के निवारण में श्रीमद्भागवत गीता की भूमिका जैसे गूढ़ विषयों पर सहज व सरल भाषा में प्रवचन होंगे तथा 18 मार्च को सत्संग का समापन होगा। मौके पर अर्जुन अग्रवाल, सुभाष गर्ग, डॉ. मुकेश कुमार, अजय, अनिल, मुकेश बिंदल, अजय, शिव चरण गर्ग, सुनील ग्रोवर, होतीलाल शर्मा, ब्रज गोपाल छारिया, अमरकांत गुप्ता, सुरेंद्र, अंजुल जैन, संदीप दुआ आदि मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र में गीता ज्ञान संस्थान
अमरकांत गुप्ता ने बताया कि जीओ गीता द्वारा हरियाणा राज्य के कुरुक्षेत्र में श्रीमद्भागवत गीता के लिए भव्य रिसर्च सेंटर और म्युजियम की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हरियाणा सरकार ने इसके लिए नौ एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी है। महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज के प्रयासों से हरियाणा की सभी जेलों में बंदियों के लिए गीता का उपदेश प्रतिदिन अनिवार्य कराया गया है। यूपी में इसे लागू करने के प्रयास हो रहे हैं।