10 रुपये के सिक्कों को लेकर बने असमंजस को खत्म करने के लिए आईबीआई और बैंक सक्रिय हो गए हैं। आरबीआई ने आम लोगों के मोबाइल नंबरों पर मेसेज किए हैं, ताकि इनके संचालन में दुविधा को दूर किया जा सके। इसे लेकर गाइड लाइन भी जारी की गई है। अब बैंक अधिकारी लोगों के साथ संवाद कर सिक्कों की वैधता की जानकारी देंगे।
बाजार में हर तीसरा व्यापारी सिक्कों को लेकर परेशान है। आम ग्राहक भी सिक्के लेने से इंकार कर रहा है। रोडवेज और ई-रिक्शा संचालक भी सिक्कों की मार से बेहाल हो गए हैं। बैंकों में सिक्के जमा तो रहे हैं, लेकिन 1000 रुपये से अधिक नहीं लिए जाते हैं। इसके चलते व्यापारियों, कारोबारियों के सामने सिक्कों के संचालन को लेकर परेशानी बन गई है। बड़ी समस्या यह है कि ग्राहक 10 लाइन और 15 लाइन बताकर सिक्का लेने से हाथ खड़े कर रहे हैं। किसी तरह 10 लाइन का सिक्का तो चल रहा है, मगर 15 लाइनों के सिक्कों को कोई नहीं ले रहा है। खालापार में क्रॉकरी का कार्य करने वाला उस्मान बताता है कि सिक्कों की तादात उसके पास 10 हजार से अधिक है। इन्हें लेने में ग्राहक इंकार करते हैं। उधर, रोडवेज के वीएआई (निगम) राजकुमार तोमर ने बताया कि दर्जन भर परिचालकों ने सिक्कों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। परिचालकों के साथ यात्री सिक्कों लेकर नोकझोंक के साथ हाथापाई पर उतारू हो जाते है। इन सबकी शिकायत बैंकों में की गई तो आरबीआई स्तर से सूचना फ्लैश की जा रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने आम लोगों के मोबाइल पर मेसेज कर 10 रुपये के सिक्कों पर बनी 10 और 15 लाइन को वैध बताया है। साथ ही इन्हें बेझिझक लेने का आह्वान किया है। इसके अलावा बैंकों को भी परस्पर व्यापारियों और उपभोक्ताओं के साथ संवाद बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। एलडीएम एसके जैन ने बताया कि बाजार में कोई नकली सिक्का नहीं है। 10 और 15 लाइन वाले सिक्के वैध हैं, इन्हें व्यापारी और आम नागरिक बेझिझक इस्तेमाल करे। बैंकों में भी प्रतिदिन 1000 रुपये के सिक्के जमा किए जा सकते हैं।